
लाहौर। पाकिस्तान में लगातार मानवाधिकार का हन्न हो रहा है। गुरुवार को पाकिस्तान में फिर एक छात्र नेता को उसके घर से 'अज्ञात लोगों' द्वारा 'अगवा' कर लिया गया। छात्र व मानवाधिकार संगठनों ने इसे लेकर सुरक्षा एजेंसियों को कठघरे में खड़ा किया है। पाकिस्तानी मीडिया में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, पंजाब यूनिवर्सिटी से कृषि विज्ञान में एमफिल कर रहे छात्र मोहसिन अब्दाली को लाहौर स्थित उसके घर से गुरुवार तड़के चार बजे 'अज्ञात लोगों' द्वार 'अगवा' किया गया है।
अब्दाली के परिजनों ने पुलिस में उसके अपहरण की शिकायत दी है। उनका कहना है कि सुबह चार बजे दस से बारह लोग घर में घुसे और मोहसिन को एक कार में अपने साथ ले गए। इन लोगों ने कहा कि अगर किसी ने शोर मचाया तो उसे गोली से मार दी जाएगी। थोड़ी देर के बाद यही लोग फिर आए और मोहसिन का लैपटॉप,मोबाइल फोन और उसके पिता का फोन अपने साथ ले गए।
पुलिस के अनुसार शिकायत मिली है,प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है और जांच जारी है। प्रोग्रेसिव स्टूडेंट कलेक्टिव (पीएससी) ने बयान जारी कर घटना की निंदा की है। छात्र संगठन ने कहा है कि उन्होंने परिजनों को परेशान और अपमानित किया। लैपटॉप और फोन ले गए और यह भी नहीं बताया कि किस आरोप में उसके खिलाफ जांच हो रही है या उसे क्यों उठाया जा रहा है।
पीएससी ने बताया कि मोहसिन अब्दाली एक छात्र कार्यकर्ता है जिसने छात्र एकता मार्च व जलवायु मार्च के आयोजन में खास भूमिका निभाई थी। उसने वूमेन डेमोक्रेटिक फ्रंट के उस प्रदर्शन में भाग लिया था, जो अवामी पार्टी के गिरफ्तार सदस्यों की रिहाई के लिए किया गया था। अवामी पार्टी व अन्य पश्तून संगठनों के सदस्यों का यह प्रदर्शन पश्तून नेता मंजूर पश्तीन की गिरफ्तारी के खिलाफ किया गया था।