अफगानिस्तान में आत्मघाती हमले में कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई है जबकि 49 लोग घायल हो गए हैं।
जलालाबादः जलालाबादः पूर्वी अफगानिस्तान के नांगरहार प्रांत की राजधानी जलालाबाद के मध्य रविवार को हुए एक आत्मघाती हमले में कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई और 49 अन्य घायल हो गए। नांगरहार प्रांत के गवर्नर के प्रवक्ता अताहुल्ला खोगयानी ने इस हमले की पुष्टि की है। यह हमला गवर्नर के पैलेस या शाही पैलेस के नजदीक हुआ, जहां अफगान अधिकारियों और तालिबान सदस्यों के बीच संघर्षविराम पर चर्चा के लिए बैठक हो रही थी। खोगयानी ने कहा कि हमला वहां हुआ, जहां केवल नागरिक मौजूद थे। एक फोटो पत्रकार द्वारा खींची गई तस्वीरों में सुरक्षा अधिकारी गवर्नर कार्यालय के बाहर खून से सनी सड़क पर खड़े दिखाई दे रहे हैं। क्षतिग्रस्त गाड़ियां भी तस्वीरों में दिखाई दे रही हैं। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि मृतकों की संख्या बढ़ने का अनुमान है, क्योंकि हमले में घायल कई लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है।
12 जून को हुई थी संघर्षविराम की घोषणा
अफगानिस्तान सरकार ने 12 जून को सात दिवसीय संघर्षविराम की घोषणा की थी ताकि राष्ट्रीय सुलह प्रक्रिया के समर्थन के लिए तलिबान को प्रोत्साहित किया जा सके। इस कदम पर गौर करते हुए तालिबान ने ईद-उल-फितर के पहले दिन से रविवार तक तीन दिवसीय संघर्षविराम की घोषणा की थी। फिलहाल इस घटना की जिम्मेदारी किसी आतंकी संगठन ने नहीं ली है लेकिन सुरक्षा बलों का शक इस्लामिक स्टेट और तालिबान पर ही है।
शनिवार को भी 25 लोगों की हुई थी मौत
अफगानिस्तान के पूर्वी नंगरहार की राजधानी जलालाबाद के बाहरी इलाके में शनिवार को इसी तरह की घटना में 25 लोगों की मौत हो गई थी और 54 अन्य घायल हो गए थे। इस हमले की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट के आतंकियों ने ली थी। इस हमले में घायल हुए लोगों का इलाज अस्पताल में किया जा रहा है।
तालिबान ने लड़ाकों को दिया था ये आदेश
इससे पहले तालिबान ने रविवार को अपने लड़ाकों को अफगान सरकार के नियंत्रण वाले इलाकों में नहीं जाने का आदेश दिया था। तालिबान ने यह आदेश विद्रोहियों और नागरिकों की एक भीड़ पर इस्लामिक स्टेट आतंकवादी समूह द्वारा किए गए हमले के एक दिन बाद दिया है। इस हमले में 25 लोगों की मौत हो गई थी। इस हमले से राष्ट्रपति अशरफ गनी के एकतरफा संघर्षविराम की घोषणा के बाद तालिबान और सेना के बीच नजदीक आने के प्रयास को धक्का लगा है।