ताइवान ( Taiwan ) ने भी चीन के खिलाफ अपना मोर्चा खोला ताइवान पर कोई भी हमला चीन को पड़ेगा भारी: ताइवान की राष्‍ट्रपति
ताइपे। चीन के खिलाफ हांगकांग में बीते करीब सात महीने से प्रदर्शन ( Hong Kong Protest ) जारी है। देशभर में चीन के हस्तक्षेप को लेकर रोष है। इसी बीच अब ताइवान ( Taiwan ) ने भी चीन के खिलाफ अपना मोर्चा खोल दिया है। ताइवान की राष्ट्रपति साई इंग वेन ( Taiwan President Tsai Ing-wen ) ने एक बार फिर चीन को आइना दिखाया है। उन्होंने कहा कि उनका देश पहले से ही स्वतंत्र है। इसके साथ ही वेन ने चीन नसीहत भी दी कि उसे ताइवान के प्रति अपने कड़े रुख पर पुनर्विचार करना चाहिए।
ताइवान पर कोई भी हमला चीन को पड़ेगा भारी
राष्ट्रपति वेन ने कहा कि ताइवान पर बीजिंग का किया गया कोई भी हमला उसे बहुत मंहगा पड़ेगा। खास बात यह कि वेन ने ये बात ऐसे समय कही है, जब चीन ने स्व शासित द्वीप को अपना अभिन्न हिस्सा बता रहा है। ऐसे में वेन बयान काफी मायने रखता है।
ताइवान और चीन के बीच जारी है बयानों का दौर
हाल ही में चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने ताइवान की स्वतंत्रता पर बयान दिया था। वांग यी ने कहा था कि अलगाववादी दस हजार साल तक बदबू फैलाते रहेंगे, लेकिन इनसे कोई फर्क नहीं पड़ने वाला। इस बयान के बाद ही ताइवानी राष्ट्रपति ने ताइवान की स्वतंत्रता की बात दोहराई है। अफ्रीका दौरे पर वांग ने कहा था थि वन चाइना नीति को दुनिया को स्वीकार किए अरसा बीत चुका है। इस नीति के अनुसार ताइवान चीन का अभिन्न अंग है। इस पर ताइवान ने जवाब दिया कि वह एक स्वतंत्र राष्ट्र है और उसका आधिकारिक नाम रिपब्लिक ऑफ चाइना है। वह कभी भी पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना का हिस्सा नहीं रहा है। चीन अपनी झूठी मान्यताओं से बाहर आए और एक अच्छे पड़ोसी देश की तरह बर्ताव करे।
चीन की कोशिश हुई नाकाम
राष्ट्रपति साई इंग वेन हाल ही में भरी मतों से दोबारा ताइवान की राष्ट्रपति बनी हैं। जनता ने भारी बहुमत से उन्हें सत्ता पर काबिज कराया है। चीन की हर कोशिश नाकाम कर साई ने हुंकार भरी है कि चीन की धमकियों के आगे ताइवान कभी भी झुकनेवाला नहीं है।