
ताइपे। साउथ चाइना सी ( South China Sea ) पर चीन लगातार अपना दबदबा बढ़ाने की कोशिश में जुटा है और पड़ोसी देशों पर दबाव बना रहा है। वहीं, ताइवान पर कब्जा करने की कोशिशों के बीच चीन ने भारी संख्या में सैनिकों और हथियारों व लड़ाकू विमानों की तैनाती भी कर दी है।
ऐसे में ये कयास लगाए जा रहे थे कि चीन कभी भी ताइवान ( China Taiwan War ) पर हमला कर सकता है। चीन के कई लड़ाकू विमानों ने ताइवान के हवाई क्षेत्र के करीब उड़ान भरी थी। इसके अलावा अमरीकी अधिकारी के ताइवान दौरे पर भी चीन ने अपनी नाराजगी जाहिर की थी और चीन के 18 लड़ाकू विमानों ने ताइवान हवाई क्षेत्र के करीब उड़ान भरकर अपने इरादे साफ कर दिए थे।
चीन बार-बार ये कहता रहा है कि अमरीका ताइवान मामले से दूर रहे। चीन ने यहां तक चेतावनी दी थी कि यदि ताइवान पर सैन्य बल पर कब्जा कर लिया जाएगा। इस तरह की आशंकाओं के बीच चीन कभी भी ऐसा कर सकता है और इसके लिए वह तैयारी भी कर रहा है।
हालांकि चीन की इस नापाक चालों को देखते हुए अमरीका ने भी कमर कस लिया है और दक्षिण चीन सागर में अपने सबसे बेहतरीन युद्धक विमानों को तैनात कर दिया है।
ताइवान ने दी चीन को चेतावनी
चीन की लगातार बढ़ते नापाक कदम को देखते हुए मंगलवार को ताइवान ने भी चेतावनी दी है कि यदि बीजिंग ने किसी भी तरह से उनपर हमला करने की कोशिश भी की तो करारा जवाब दिया जाएगा। ताइवान के रक्षा सेना प्रमुख ने कहा कि चीन ताइवान के साथ किसी भी तरह के युद्ध की तैयारी नहीं कर रहा है। हालांकि यदि वह हमला करता है तो हम भी पूरी तरह से मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार हैं।
रक्षा मंत्री येन डे-फा ने कहा है कि चीन की ओर से अभी तक कोई ऐसे संकेत नहीं मिल रहे हैं कि वह ताइवान के साथ किसी तरह से लड़ाई करने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि चीन ताइवान को युद्ध के लिए उकसा रहा है। वह सीमा पर लगातार फाइटर जेट भेजकर जंग जैसे हालात बनाने की कोशिश में है। सीमा के पास चीन लगातार युद्धाभ्यास कर रहा है।
उन्होंने कहा कि चीन की कम्युनिस्ट सरकार ताइवान के खिलाफ उकसावे की कार्रवाई कर रही है, लेकिन अभी तक ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है कि चीन पूर्ण रूप से युद्ध के लिए तैयार है। येन ने कहा कि ताइवान की सेना युद्ध की तैयारियों को बनाए रख रही हैं। हमारी सेनाएं तैयार हैं। उन्होंने संसद में कहा कि यदि चीन हमला करता है तो ताइवान का अंतिम आदमी भी लड़ाई के लिए तैयार है।