Taliban's New Plan: तालिबान ने अफगानिस्तान में मीडिया को कंट्रोल करने का एक नया प्लान बनाया है। क्या है यह प्लान? आइए जानते हैं।
अफगानिस्तान (Afghanistan) में पिछले साल 15 अगस्त को तालिबान (Taliban) की सत्ता में वापसी के बाद से ही स्थिति पूरी तरह से बदल गई है। पूरे देश में अर्थव्यवस्था के चरमराने के साथ ही उथल-पुथल भी फ़ैल गई है। लोगों से उनके कई हक़ छीन लिए गए हैं और तालिबान के खिलाफ आवाज़ उठाने वालों को कड़ी सज़ा दी जाती है। तालिबान के आतंक से अफगानिस्तान की मीडिया भी बच नहीं सकी है। अब इसके बावजूद मीडिया अपनी बात सामने लाने से पीछे नहीं हटती। ऐसे में अफगानिस्तान की मीडिया को कंट्रोल करने के लिए तालिबान ने नया प्लान बनाया है।
क्या है तालिबान का नया प्लान?
तालिबान के नए प्लान के ज़रिए अफगानिस्तान में मीडिया की आवाज़ को दबाकर उन्हें कंट्रोल करने की कोशिश की जाएगी। इस प्लान के तहत अफगानिस्तान में मीडिया पर नए और पहले से ज़्यादा प्रतिबंध लगाए जाएंगे। अफगानिस्तान के बल्ख (Balkh) राज्य के एक प्राइवेट मीडिया आउटलेट प्रमुख अब्दुल बशीर आबिद ने इस बारे में बात करते हुए बताया, "तालिबान के राज में अफगानिस्तान में मीडिया पर कई पाबंदियाँ लगा दी गई हैं। इन पाबंदियों से मीडिया की स्थिति बिलकुल नहीं सुधरेगी।"
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मीडिया के लिए नहीं कोई रोडमैप
अफगानिस्तान के एक लोकल जर्नलिस्ट सैय्यद मोहम्मद याज़्दान ने इस बारे में बात करते हुए बताया, "तालिबान के राज में मीडिया के लिए कोई रोडमैप नहीं है। ऐसे में मीडिया के विकास में इससे बड़ी परेशानी होती है। तालिबानी सरकार को मीडिया और जर्नलिस्ट्स के लिए एक सिंगल पॉलिसी बनाने की ज़रुरत है, जिससे मीडिया और जर्नलिस्ट्स का विकास हो सके।"
रिपोर्टर्स के ह्यूमन राइट्स का उल्लंघन
एक रिपोर्ट के अनुसार अगस्त 2021 में तालिबान के सत्ता में वापस आने के बाद अफगानिस्तान में अब तक 200 से भी ज़्यादा रिपोर्टर्स के ह्यूमन राइट्स का उल्लंघन हो चुका है।