Highlights संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 75वें सत्र के लिए निर्वाचित अध्यक्ष वोल्कान बोजकिर (Volkan Bozkir) की पाक यात्रा स्थगित हो गई है। पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी (Shah Mahmood Qureshi) के न्योते पर बोजकिर 26-27 जुलाई को पाकिस्तान आने वाले थे।
इस्लामाबाद। भारत के खिलाफ पाकिस्तान (Pakistan) की साजिश एक बार फिर विफल हुई है। दरअसल संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 75वें सत्र के लिए निर्वाचित अध्यक्ष वोल्कान बोजकिर (Volkan Bozkir) की पाक यात्रा स्थगित हो गई है। इमरान खान (Imran Khan) की योजना थी कि बोजकिर की पाकिस्तान यात्रा में कश्मीर मुद्दे को छेड़कर भारत के खिलाफ मोर्चा खोलेंगे। यात्रा के रद्द होने से अब उनके मंसूबों पर पानी फिरता नजर आ रहा है। बोजकिर का कहना है कि उड़ान में कुछ तकनीकी समस्याएं आने के कारण उन्होंने इस यात्रा को टाल दिया है।
26-27 जुलाई को पाकिस्तान आने वाले थे
पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के न्योते पर बोजकिर 26-27 जुलाई को पाकिस्तान आने वाले थे। बोजकिर ने ट्वीट कर जानकारी दी कि पाक विदेश मंत्री कुरैशी के न्योते पर 26-27 जुलाई को पाक आने वाले थे। इसलिए उन्हें निर्धारित पाकिस्तान यात्रा को हमें स्थगित करनी पड़ी।
सार्थक विचार-विमर्श की आशा कर रहे हैं
तुर्की के राजनयिक बोजकिर का कहना है कि वह आगे जल्द पाकिस्तान की यात्रा की उम्मीद कर रहे हैं। वह संयुक्त राष्ट्र की 75वीं महासभा के एजेंडे में मुद्दों और प्राथमिकताओं पर सार्थक विचार-विमर्श की आशा कर रहे हैं।' इस पर कुरैशी का कहना है कि नतीजे देने वाली यात्रा के लिए पाकिस्तान में बोजकिर ने कहा कि वे हमेशा का स्वागत करने के लिए आशान्वित हैं। गौरतलब है कि कुरैशी ने बीते सप्ताह बोजकिर के साथ कश्मीर समेत विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।।
कश्मीर पर बात करने की घोषणा की थी
इमरान सरकार के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने इस चर्चा को लेकर पहले से तैयारी कर ली थी। वह बोजकिर के पाकिस्तान दौरे के दौरान उनसे कश्मीर मसले पर वन-टू-वन बातचीत करना चाहेंगे। कुरैशी के अनुसार वे यूएनजीए प्रेसिडेंट को भारत के अधिकृत जम्मू-कश्मीर के बारे में भारतीय सेना द्वारा किए अत्याचारों के बारे में बताएंगे।
बोजकिर के आने से यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया जा सकता था
विशेषज्ञों का दावा है कि भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से चले रहा कश्मीर विवाद को उभारने की कोशिश की जा रही है। पाकिस्तान में बोजकिर के आने से यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया जा सकता था। इस तरह से वह पूरी दुनिया ध्यान आकर्षित कर सकता था। पाक विदेश मंत्री कुरैशी का कहना था कि इस यात्रा के जरिए उनका फोकस कश्मीर के हालात को यूएनजीए के सामने लाना था।