Aaj Ka Panchang 11 March 2026 : आज का पंचांग 11 मार्च 2026: जानें अष्टमी तिथि, ज्येष्ठा नक्षत्र, राहुकाल, चौघड़िया मुहूर्त, दिशा शूल, शुभ योग और आज के दिन के प्रमुख व्रत-त्योहार की पूरी जानकारी।
Aaj Ka Panchang 11 March 2026 : आज का पंचांग 11 मार्च 2026 हिंदू कैलेंडर के अनुसार कई महत्वपूर्ण योग और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ा हुआ है। आज चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि है और ज्येष्ठा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। इसी दिन शीतला माता पूजन, बसोडा, कालाष्टमी और ऋषभदेव जयंती जैसे विशेष पर्व भी मनाए जाएंगे। पंचांग के अनुसार दिनभर में अलग-अलग समय पर शुभ चौघड़िया, राहुकाल और दिशा शूल का प्रभाव रहेगा। यदि आप आज कोई नया कार्य, यात्रा या पूजा आरंभ करना चाहते हैं तो पहले शुभ मुहूर्त, चौघड़िया और राहुकाल का समय अवश्य जान लें। यहां पढ़ें आज का पूरा पंचांग, ग्रह-नक्षत्र की स्थिति और शुभ-अशुभ समय की जानकारी।
| चौघड़िया | समय | कार्य की प्रकृति | सुझाव |
|---|---|---|---|
| लाभ | सूर्योदय – 9:41 | शुभ | नए काम, निवेश, खरीदारी |
| अमृत | सूर्योदय – 9:41 | अत्यंत शुभ | कोई भी महत्वपूर्ण कार्य |
| शुभ | 11:09 – 12:37 | शुभ | पूजा, यात्रा, नए कार्य |
| चर | 3:33 – 5:01 | मध्यम शुभ | यात्रा, सामान्य कार्य |
| लाभ | 5:01 – सूर्यास्त | शुभ | व्यापार, नए कार्य |
दिशा शूल - आज उत्तर दिशा में दिशा शूल रहेगा । इसलिए उत्तर दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए।
उपाय -यदि उत्तर दिशा में यात्रा करना आज आवश्यक हो और टालना संभव ना हो तो यात्रा प्रारंभ करने से पूर्व गणेश जी का ध्यान करें, उन्हें लड्डुओं का प्रसाद चढ़ाकर सबको बांटें और स्वयं भी सेवन करके शुभ शगुन लेकर यात्रा प्रारंभ करें।
राहु काल वेला - (मध्यमान से) दिन 12.00 से 1.30 तक
उपाय - राहु काल में शुभ कार्यों का प्रारंभ नहीं करना चाहिए। यदि कार्य को टाला जाना संभव ना हो तो सुपारी, पान या इलायची आदि का सेवन करके ही कार्य प्रारंभ करें। इससे राहुकाल का दुष्प्रभाव कम होगा।
तिथि – अष्ठमी तिथि अंतरात्रि 4.20 तक होगी तदुपरान्त नवमी तिथि होगी ।
नक्षत्र – ज्येष्ठा नक्षत्र रात्रि 10.00 तक होगा तदुपरान्त मूल नक्षत्र होगा ।
योग – वज्र योग दिन 9.12 तक रहेगा तदुपरान्त सिद्धि योग रहेगा ।
करण – बालव करण दिन 3.07 तक रहेगा तदुपरान्त कौलव करण रहेगा।
विशिष्ट योग – गंडमूल संपूर्ण दिनरात, यमघंट योग रात्रि 10-00 से सू्योंदय तक,
व्रत / दिवस विशेष – शीतला माता पूजन, बास्योड़ा (स्वयं सिद्ध अबूझ मुहर्त्त), मेला शील की डूंगरी चाकसू जयपुर (राज.) में, श्री प्रेमभाया महोत्सव, शहादते हजरत अली (मु.), कालाष्टमी, ऋषभदेव जयती. वर्षीतप प्रारंभ (जैन), मेला केसरिया मेवाड़ (राज.), (विवाह मुहर्त मूल नक्षत्र में),
चन्द्रमा – आज रात्रि 10.00 तक वृश्चिक राशि में होगा तदुपरान्त धनु राशि में प्रवेश होगा ।
ग्रह का राशि /नक्षत्र परिवर्तन – गुरु मार्गीं दिन 9-00 पर,
आज जन्म लेने वाले बच्चे – आज रात्रि 10.00 तक जन्म लेने वाले बच्चों की राशि वृश्चिक होगी तदुपरान्त धनु राशि होगी ।
आज रात्रि 10.00 तक जन्म लेने वाले बच्चों का ज्येष्ठा नक्षत्र होगा तदुपरान्त मूल नक्षत्र होगा ।
आज जन्मे बच्चों का ताम्र पाद होगा ।
आज जन्म लेने वाले बच्चों के प्रथम नामाक्षर या, यी, यू, ये, यो पर रखे जा सकते हैं।
वृश्चिक राशि का स्वामी मंगल होता हैं। ऐसे जातक स्थिर प्रवृति के होते हैं। ये जिद्दी, उत्साही, स्पष्टवादी, परिश्रमी, ईमानदार, समझदार, ज्ञानी, साहसी, दृढ़संकल्प, शीघ्र उत्तेजित हो जाने वाले व अपनी मेंहनत से कार्य करने वाले होते हैं। अपना निर्णय लेने में सक्षम होते हैं। इनको द्वा व्यवसाय, पुलिस, शोधकार्य, साधना, खनिज़ पदार्थों का व्यवसाय, खेती, पुरातत्त्व विज्ञान आदि कार्यों में सफलता मिलती है।
धनु राशि के स्वामी बृहस्पति होने से व्यक्ति ज्ञानी व समझदार होता हैं परंतु गुस्सा जल्दी करते हैं। हैं। इनमें विवेक, शक्ति और पराक्रम होता हैं। सौम्य शांत, सरल स्वभाव, धार्मिक प्रकृति, उदार हृदय, परोपकारी, संवेदनशील, करुणा, दया आदि भावनाओं से युक्त होते हैं।