Today’s Panchang 14 May 2026 : आज का पंचांग 14 मई 2026 गुरुवार: शुभ चौघड़िया, राहुकाल, दिशा शूल, सर्वार्थसिद्धि योग, प्रदोष व्रत, रेवती-अश्विनी नक्षत्र, ग्रह गोचर और जन्मे बच्चों की राशि व नामाक्षर जानें।
Aaj Ka Panchang 14 May 2026, Today Panchang : आज गुरुवार, 14 मई 2026 का पंचांग धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आज सर्वार्थसिद्धि योग, प्रदोष व्रत, मधुसूदन द्वादशी और कई शुभ योग बन रहे हैं। रेवती एवं अश्विनी नक्षत्र के प्रभाव के साथ बुध, गुरु और शुक्र ग्रह भी राशि एवं नक्षत्र परिवर्तन कर रहे हैं। पंडित मुकेश भारद्वाज से जानिए आज का शुभ चौघड़िया, राहुकाल, दिशा शूल, तिथि, नक्षत्र, ग्रह गोचर और जन्म लेने वाले बच्चों से जुड़ी विशेष जानकारी।
| चौघड़िया | समय | टिप्पणी |
|---|---|---|
| शुभ | सूर्योदय से 7:24 तक | शुभ कार्य प्रारम्भ किए जा सकते हैं |
| चर | 10:43 से 12:23 तक | शुभ कार्य प्रारम्भ किए जा सकते हैं |
| लाभ | 12:23 से आगे | शुभ कार्य प्रारम्भ किए जा सकते हैं |
| अमृत | लाभ के बाद 3:43 तक | शुभ कार्य प्रारम्भ किए जा सकते हैं |
| शुभ | 5:23 से सूर्यास्त तक | शुभ कार्य प्रारम्भ किए जा सकते हैं |
दिशा शूल - आज दक्षिण दिशा में दिशा शूल रहेगा । इसलिए दक्षिण दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए।
राहु काल वेला - (मध्यमान से) दिन 1.30 से 3.00 तक रहेगा.
तिथि – द्वादशी तिथि दिन 11.21 तक होगी तदुपरान्त त्रयोदशी तिथि होगी ।
नक्षत्र – रेवती नक्षत्र रात्रि 10.34 तक रहेगा तदुपरान्त अश्विनी नक्षत्र होगा ।
योग – प्रीति योग सायं 5.53 तक रहेगा तदुपरान्त आयुष्मान योग रहेगा ।
करण – तैतिल करण दिन 11.21 तक रहेगा तदुपरान्त गर करण रहेगा।
विशिष्ट योग – सर्वार्थसिद्धि योग सूर्योदय से संपूर्ण दिनरात्रि
व्रत / दिवस विशेष – प्रदोष व्रत, मधुसूदन द्वादशी, मुनि अनन्तनाथ जयंती, वट सावित्री व्रत प्रारंभ तीन दिन का, पचक रात्रि 10-34 तक, विवाह मुहूर्त्त्त रेवती नक्षत्र में, गंडमूल संपूर्ण दिनरात्रि,
चन्द्रमा – आज रात्रि 10.34 तक मीन राशि में होगा तदुपरान्त मेष राशि में प्रवेश होगा ।
ग्रह का राशि /नक्षत्र परिवर्तन – बुध ग्रह का वृष राशि में प्रवेश रात्रि 12-31 पर, गुरु का पुनर्वसु नक्षत्र चरण 3 में प्रवेश प्रातः 6-36 पर, शुक्र ग्रह का मिथुन राशि में प्रवेश दिन 10-53 पर,
मीन राशि के स्वामी गुरु हैं इस राशि के बच्चे सौम्य, गंभीर स्वाभाव वाले, बुद्धिमान, विवेकी, ज्ञानी, धार्मिक, परोपकारी, साहित्य प्रेमी, आध्यात्म प्रेमी, भावुक, अध्ययनशील, सज्जन, कल्पनाशील, उच्चाकांक्षी, स्वाभिमानी चंचल और कार्यों के प्रति थोड़े लापरवाह होते हैं.
मेष राशि अग्नि तत्त्व व क्षत्रिय स्वभाव राशि है। इसके स्वामी ग्रह मंगल हैं। इस राशि में जन्मे बच्चे दबंग, साहसी, कुटुंब का पालन करने वाले, कार्यारम्भ में रूचि रखने वाले, हमेशा सक्रिय, चुनौतियों को स्वीकार करने वाले, जुझारू और थोड़े जल्दबाज होते हैं। शारीरिक सौष्ठव को बनाये रखने के लिए सदा क्रियाशील रहते हैं।