Baba Vanga Prediction on Gold Silver: दुनिया में भविष्यवाणियों का जिक्र होते ही बाबा वेंगा का नाम फिर चर्चा में आ जाता है। इस बार दावा है कि आने वाले समय में Paper currency पर भरोसा घटेगा और सोना, चांदी व तांबे जैसी कीमती धातुओं की मांग तेजी से बढ़ेगी।
Baba Vanga Prediction on Gold Silver: बुल्गारिया की रहस्यमयी भविष्यवक्ता बाबा वेंगा अपनी चौंकाने वाली भविष्यवाणियों के लिए जानी जाती हैं, जिनका नाम एक बार फिर सुर्खियों में है। साल 2025 में जब उनकी कई पुरानी भविष्यवाणियां सच साबित हुईं, तो पूरी दुनिया की नजरें उन पर टिक गईं। अब 2026 में भी बाबा वेंगा की एक और भविष्यवाणी सोशल मीडिया से लेकर ग्लोबल मार्केट तक हलचल मचा रही है। बताया जा रहा है कि उन्होंने आने वाले समय में एक बड़े वित्तीय संकट (Financial Crisis) के संकेत दिए थे, जिसकी चर्चा अब डर और चिंता के रूप में सामने आ रही है। इसी बीच सोना, चांदी और कॉपर जैसी कीमती धातुओं की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव ने लोगों की बेचैनी और बढ़ा दी है। सवाल यही है कि क्या इन धातुओं की आसमान छूती कीमतें बाबा वेंगा की उस भविष्यवाणी से जुड़ी हैं, जिसकी वजह से दुनिया भर में आर्थिक अस्थिरता की आशंका जताई जा रही है?
बाबा वेंगा के अनुसार, वैश्विक अर्थव्यवस्था एक ऐसे दौर से गुजर सकती है जहां नकदी का महत्व घटेगा। महंगाई, आर्थिक अस्थिरता और वैश्विक संकट की स्थिति में लोग अपनी पूंजी को सुरक्षित रखने के लिए Safe haven assets की ओर रुख करेंगे। ऐसे में सोना, चांदी और तांबा निवेशकों की पहली पसंद बन सकते हैं।
अगर मौजूदा बाजार भाव पर नजर डालें तो तस्वीर काफी दिलचस्प है।24 कैरेट सोना लगभग ₹1,52,078 प्रति 10 ग्राम के आसपास चल रहा है। चांदी ने तो मानो सारी सीमाएं तोड़ दी हैं और इसका भाव ₹2,44,929 प्रति किलोग्राम तक पहुंच चुका है। वहीं तांबा भी मजबूत रुख दिखाते हुए करीब ₹1,242 प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रहा है।इन आंकड़ों को देखकर कई लोग यह सवाल कर रहे हैं कि क्या सोना वाकई ₹1.60 लाख के स्तर को भी पार कर जाएगा।
कई लोग बाबा वेंगा की भविष्यवाणियों को गंभीरता से लेता है और मानता है कि आने वाले महीनों में वैश्विक वित्तीय संकट गहराने पर कीमती धातुओं में जबरदस्त उछाल देखने को मिल सकता है। वहीं दूसरी ओर, आर्थिक विशेषज्ञों और विश्लेषकों का कहना है कि सोने-चांदी की मौजूदा तेजी के पीछे ज्योतिष नहीं बल्कि ठोस कारण हैं जैसे भू-राजनीतिक तनाव, औद्योगिक मांग और कमजोर वैश्विक मुद्रा।उनके मुताबिक, बाजार में रिकॉर्ड तो बन सकते हैं, लेकिन यह कहना जल्दबाज़ी होगी कि सिर्फ भविष्यवाणियों के कारण कीमतें आसमान छू लेंगी।
धर्म और आस्था भारतीय समाज का अहम हिस्सा हैं, लेकिन निवेश के फैसले लेते समय संतुलन बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है। सोना-चांदी सदियों से संपत्ति और सुरक्षा का प्रतीक रहे हैं, और मौजूदा हालात में इनकी चमक बढ़ना स्वाभाविक है।फिलहाल इतना तो तय है कि कीमती धातुओं की कीमतें लगातार ऊपर की ओर बढ़ रही हैं। यह रुझान बाबा वेंगा की भविष्यवाणी को चर्चा में जरूर रखता है, लेकिन हकीकत क्या मोड़ लेगी यह तो आने वाला समय ही बताएगा।