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Gupt Navratri Day 3 : गुप्त नवरात्रि का तीसरा दिन: मां त्रिपुर सुंदरी की पूजा से दूर होंगे सारे कष्ट, जानें शुभ मुहूर्त

गुप्त नवरात्रि 2026 का तीसरा दिन 21 जनवरी को मां त्रिपुर सुंदरी पूजा के लिए विशेष दिन है। तृतीया तिथि, ब्रह्म मुहूर्त 5:27-6:20, राहुकाल 12:33-1:52, रवि योग। शुभ कामों के मुहूर्त, नक्षत्र व पंचांग विवरण। दुर्गा साधना से दुख नाश। पूजा विधि जानें!

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Jan 20, 2026
Gupt Navratri Day 3 : मां त्रिपुर सुंदरी की पूजा से दूर होंगे कष्ट, जानें शुभ मुहूर्त (फोटो सोर्स: AI image@Gemini)

Gupt Navratri Day: गुप्त नवरात्रि का तीसरा दिन बुधवार को पड़ रहा है। इस दिन शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि रहेगी, जो 22 जनवरी को सुबह 2:47 बजे तक चलेगी। आज मां त्रिपुर सुंदरी की पूजा का खास महत्व है। अगर आप कोई शुभ काम जैसे शादी, नामकरण, गृह प्रवेश, मुंडन या नया बिजनेस शुरू करने का सोच रहे हैं, तो पंचांग जरूर देख लें। राहुकाल का ख्याल रखना जरूरी है। 21 जनवरी को राहुकाल दोपहर 12:33 से 1:52 तक रहेगा। इस समय किसी भी शुभ काम की शुरुआत ना करें। नक्षत्र की बात करें तो दोपहर 1:58 तक धनिष्ठा नक्षत्र रहेगा, उसके बाद शतभिषा नक्षत्र शुरू हो जाएगा। चंद्रमा कुंभ राशि में रहेगा। सूर्योदय सुबह 7:14 पर होगा और सूर्यास्त शाम 5:51 पर।

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Maa Tripura Sundari Puja: तीसरे दिन मां त्रिपुर सुंदरी की पूजा

मां त्रिपुर सुंदरी की बात करें तो ये दस महाविद्याओं में तीसरे स्थान पर हैं। इन्हें तीनों लोकों की सबसे सुंदर देवी माना जाता है। पौराणिक ग्रंथों में त्रिपुर सुंदरी को मां पार्वती का दिव्य रूप बताया गया है, और तांत्रिक साधना में इनका खास स्थान है। इसीलिए इन्हें ‘तांत्रिक पार्वती’ भी कहते हैं। मां त्रिपुर सुंदरी सोलह कलाओं से संपन्न हैं और इनकी कृपा से जीवन के तमाम दुख दूर हो जाते हैं।

पूजा का शुभ मुहूर्त

अब शुभ मुहूर्त की बात करें तो 21 जनवरी को ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5:27 से 6:20 तक रहेगा। विजय मुहूर्त दोपहर 2:19 से 3:01 तक मिलेगा, और गोधूलि मुहूर्त शाम 5:49 से 6:15 तक है। रवि योग दोपहर 1:58 से अगले दिन सुबह 7:14 तक रहेगा।

पंचांग के हिसाब से राहुकाल 12:33 से 1:52 तक रहेगा, यमगंड सुबह 8:34 से 9:53 तक और गुलिक काल 11:13 से 12:33 तक है। पंचक पूरे दिन रहेगा।

गुप्त नवरात्रि में मां दुर्गा के गुप्त रूप की साधना होती है। तृतीया तिथि पर मां त्रिपुर सुंदरी की पूजा का खास महत्व है। धर्म ग्रंथों के अनुसार, ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करके मां दुर्गा की विधिवत पूजा करें, मंत्र जाप करें और पूरी श्रद्धा से प्रसाद चढ़ाएं। जप का भी इस दिन खास महत्व है।

अस्वीकरण (Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यहाँ दी गई ज्योतिष, वास्तु या धार्मिक जानकारी मान्यताओं और विभिन्न स्रोतों पर आधारित है। हम इसकी पूर्ण सटीकता या सफलता की गारंटी नहीं देते हैं। किसी भी उपाय, सलाह या विधि को अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के प्रमाणित विशेषज्ञ या विद्वान से परामर्श अवश्य लें।

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Published on:
20 Jan 2026 12:07 pm
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