
आज के आधुनिक युग में हर घर बीमारी, मानसिक तनाव और आपसी कलह से जूझ रहा है। पूज्य बाबा उमाकान्त जी महाराज के अनुसार, संतों के उपदेशों की अवहेलना और प्रकृति के नियमों को तोड़ने के कारण ही समाज में नकारात्मकता बढ़ रही है। इसी समस्या के समाधान हेतु उज्जैन स्थित बाबा जयगुरुदेव आश्रम में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर दो दिवसीय भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। यह आयोजन उन लोगों के लिए आशा की किरण है जो जीवन में बरकत और सुख-शांति की तलाश कर रहे हैं।
इस सत्संग का मुख्य आकर्षण मानव शरीर में स्थित शिव नेत्र (तीसरी आंख) को खोलने की विधि और उसके महत्व पर चर्चा होगी। बाबा जी स्पष्ट करेंगे कि भगवान शिव का वास्तविक स्वरूप क्या है और उनसे हमें क्या सीख लेनी चाहिए। वर्तमान में मिल रहे विनाशकारी संकेतों और भविष्य के कठिन समय से बचने के लिए 'नामदान' की शक्ति को सबसे अचूक उपाय बताया गया है। सत्संग के माध्यम से भक्तों को प्रभु दर्शन का वह सरल रास्ता दिखाया जाएगा, जिससे वे आत्मिक कल्याण के साथ-साथ आने वाली आपदाओं से भी सुरक्षित रह सकें।
मुक्ति का मार्ग: सत्संग, सुमिरन और नामदान का विशेष आयोजन यह आध्यात्मिक समागम पूर्णतः निःशुल्क और अराजनीतिक है, जिसमें सभी जाति और धर्म के लोग सादर आमंत्रित हैं। कार्यक्रम की शुरुआत 14 फरवरी 2026 को सायंकाल 3:00 बजे से होगी। इसके पश्चात 15 फरवरी 2026 को प्रातः 5:00 बजे से सुमिरन, ध्यान और भजन का सत्र चलेगा, जिसके बाद बाबा जी के प्रवचन होंगे। देश-विदेश में लाखों लोगों को कष्टों से मुक्ति दिलाने वाले वक्त के संत बाबा उमाकान्त जी महाराज के दर्शन और सान्निध्य का यह एक दुर्लभ अवसर है। आयोजकों ने सभी से सपरिवार इस पुण्य लाभ को लेने की अपील की है।
Updated on:
13 Feb 2026, 8:00 PM IST
Published on:
13 Feb 2026, 8:00 PM IST
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