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अनंत प्रेम आश्रम में श्रीमद् भागवत कथा का अष्टम दिवस, भक्ति को प्रेम का मार्ग बताया

शहर के स्कीम नंबर-2 स्थित अनंत प्रेम आश्रम नंगली वालों की कुटिया में चल रही श्रीमद् भागवत कथा ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
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शहर के स्कीम नंबर-2 स्थित अनंत प्रेम आश्रम नंगली वालों की कुटिया में चल रही श्रीमद् भागवत कथा ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। आश्रम की स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 2 फरवरी से आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान में वृंदावन से पधारे कथावाचक राम मुदगल शास्त्री ने कथा के अष्टम दिवस में प्रवेश करते हुए कहा कि भक्ति का मार्ग मन में उपजे प्रेम से होकर ही गुजरता है। उन्होंने कथा के माध्यम से जीवन में प्रेम, करुणा और सेवा के महत्व को रेखांकित किया।

शास्त्री ने कहा कि जब मन में निष्काम प्रेम जागृत होता है, तभी व्यक्ति ईश्वर भक्ति की सच्ची अनुभूति कर पाता है। कथा के दौरान श्रीकृष्ण लीलाओं और भागवत के प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया गया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।

सेवादार सौरभ कालरा ने बताया कि आश्रम से जुड़े परिवारों में एक विशेष परंपरा प्रचलित है, जिसमें जिन परिवारों में बच्चों का जन्म हुआ हो या जिनका विगत वर्ष विवाह संपन्न हुआ हो, वे परिवार आश्रम में मत्था टेकने अवश्य आते हैं। कार्यक्रम में सोमवार को सुबह 11 बजे विधिविधान से झंडारोहण किया गया। इसके पश्चात रूहानियत सत्संग, प्रवचन एवं विशाल भंडारे का आयोजन होगा, जिसके साथ ही आठ दिवसीय कार्यक्रम का विधिवत समापन किया जाएगा।