धर्म/ज्योतिष

Guru Pushya Nakshatra 2025: अगस्त में आखिरी गुरु पुष्य नक्षत्र, जानिए किन चीजों की खरीदारी से मिल सकते हैं लाभ

Guru Pushya Nakshatra 2025: 21 अगस्त 2025 को भाद्रपद मासिक शिवरात्रि के दिन आखिरी गुरु पुष्य नक्षत्र बन रहा है। यह संयोग बेहद शुभ माना गया है। इस दिन वस्तुओं की खरीदारी करने से सुख-समृद्धि और स्थायित्व मिलता है। जानिए शुभ मुहूर्त और क्या खरीदना लाभकारी होगा।
2 min read
Aug 18, 2025
Guru Pushya Nakshatra 2025
Guru Pushya Nakshatra 2025 (photo- grok ai)

Guru Pushya Nakshatra 2025: अगस्त महीने में कई व्रत-त्योहार और खास योग-संयोग बन रहे हैं। इसी कड़ी में 21 अगस्त 2025 को भाद्रपद मासिक शिवरात्रि और गुरु पुष्य नक्षत्र का अत्यंत शुभ संयोग बन रहा है। ज्योतिष शास्त्र में पुष्य नक्षत्र को बेहद शुभ और समृद्धि देने वाला माना जाता है। खास बात यह है कि इस बार यह संयोग गुरुवार के दिन बन रहा है, जो भगवान विष्णु का प्रिय दिन है। इसे गुरु पुष्य योग कहा जाता है और यह जीवन में सुख-समृद्धि बढ़ाने वाला माना जाता है।

गुरु पुष्य नक्षत्र का समय

इस साल का आखिरी गुरु पुष्य नक्षत्र 21 अगस्त 2025 की सुबह 12:27 बजे शुरू होकर 22 अगस्त की सुबह 12:08 बजे तक रहेगा। यानी आपके पास 21 अगस्त का पूरा दिन शुभ खरीदारी और पूजन के लिए उपलब्ध है।

क्यों खास है गुरु पुष्य नक्षत्र में खरीदारी

गुरु (बृहस्पति) को समृद्धि का दाता और शनि को स्थायित्व प्रदान करने वाला ग्रह माना गया है। ऐसे में इस नक्षत्र में खरीदी गई वस्तुएं न केवल आर्थिक उन्नति देती हैं बल्कि लंबे समय तक सुख-समृद्धि बनाए रखती हैं।

किन चीजों की खरीदारी करें

सोना और चांदी – धन, समृद्धि और स्थायित्व के लिए सबसे शुभ।

भूमि-भवन – नई प्रॉपर्टी या घर की खरीदी इस योग में बहुत लाभकारी मानी जाती है।

वाहन – वाहन खरीदना भी लंबे समय तक सुख और स्थायित्व देता है।

ज्वेलरी और मूल्यवान वस्तुएं – यह आर्थिक उन्नति और परिवार में शांति लाती हैं।

धार्मिक सामग्री – हल्दी, चांदी का लक्ष्मी यंत्र, या पूजन के लिए वस्तुएं खरीदने से भाग्य मजबूत होता है।

क्या उपाय करें

  • इस दिन माता लक्ष्मी की पूजा करें और कनकधारा स्तोत्र का पाठ करें।
  • चांदी का लक्ष्मी यंत्र या चांदी का चौकोर टुकड़ा खरीदकर उसकी पूजा करने से आर्थिक संकट दूर होता है।
  • हल्दी खरीदना भी बेहद शुभ माना गया है क्योंकि यह भगवान विष्णु और बृहस्पति दोनों को प्रिय है।
Updated on:
18 Aug 2025 06:44 pm
Published on:
18 Aug 2025 06:44 pm