
Budh Uday 2026: वैदिक ज्योतिष में बुध का महत्वपूर्ण स्थान है। उन्हें मुख्य रूप से बुद्धि, वाणी और व्यापार का कारक माना जाता है। जिस जातक की कुंडली में बुध की स्थिति मजबूत होती है वे प्राय: कामयाब कारोबारी बनते हैं। बुध की शुभ स्थिति से व्यक्ति गणितज्ञ भी हो सकता है और ऐसे लोग गायक, वादक भी बनते हैं। 14 सितंबर को बुध ग्रह से जुड़ा एक बड़ा परिवर्तन हो रहा है। इस दिन वे अपनी उच्च राशि कन्या में उदय होंगे। पंचांग भेद के अनुसार कई जगहों पर यह तारीख 13 सितंबर भी बताई जा रही है। कन्या राशि में उदय होकर बुध कई लोगों का भाग्य बदल सकते हैं। विशेषकर मिथुन, कन्या, तुला, मकर, कुंभ और मीन राशिवाले व्यापारियों को खासा लाभ हो सकता है। बुध देव अपनी उच्च राशि में उदय होकर सभी राशियों के लिए शुभ साबित होंगे। करियर में तरक्की के योग बनाएंगे।
ज्योतिषाचार्य पंडित सोमेश परसाई बताते हैं कि बुध के उच्च कन्या राशि में उदय होने का खासा असर होगा। विशेष रूप से व्यापार और संचार-लेखन से जुड़ी नौकरियों में इसका प्रभाव नजर आएगा। बुध प्रभावित जातकों को धन लाभ होगा, नए व्यापारिक फैसले उनके लिए लाभकारी साबित होंगे।
पंचांग के अनुसार 14 सितंबर को बुध रात 2.52 बजे कन्या राशि में उदय होंगे। कुछ पंचांगों में बुध उदय का समय 13 सितम्बर बताया जा रहा है। इसके अनुसार रविवार को बुध रात 7:26 बजे उदय होंगे।
ज्योतिषाचार्य पंडित अरुण बुचके के अनुसार बुध ग्रह का अपनी उच्च राशि कन्या में उदित होना मिथुन और कन्या लग्नों के लिए बेहद लाभकारी साबित हो सकता है। कन्या राशि बुध की ही राशि है, इसके साथ ही उनकी उच्च राशि भी है। इसी वजह से बुध के गोचर का ज्योतिषिय दृष्टि से विशेष महत्व है। उच्च की कन्या राशि पर बुध के उदय का सभी राशियों पर शुभ प्रभाव पड़ेगा। नौकरीपेशा लोगों को करियर में नई और अहम जिम्मेदारियां मिल सकती हैं जबकि व्यापार से जुड़े लोगों को नए कारोबार करने के मौके मिल सकते हैं।