
Hartalika Teej 2026 : Image credit chatgpt
Hartalika Teej : सनातन धर्म में भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि का बहुत महत्व है। यह दिन हरतालिका तीज के रूप में जाना जाता है। इस दिन सुहागिन महिलाएं और कुंवारी युवतियां व्रत रखकर भगवान शिव और पार्वतीजी की पूजा करती हैं। हरतालिका तीज व्रत, मनपसंद पति, सुखी दांपत्य जीवन, पति की लंबी आयु और सौभाग्य की कामना से किया जाता है। सुहागिन महिलाएं और कुवांरी कन्याएं साल भर इस पर्व का इंतजार करती हैं। इस वर्ष हरतालिका तीज की तिथि पर भ्रम उत्पन्न हो गया है। पंचांग भेद के अनुसार 13 सितंबर और 14 सितंबर को हरतालिका व्रत बताया जा रहा है। इसपर हमने विख्यात धर्माचार्यों और ज्योतिषाचार्यों से बातचीत की। ज्यादातर विशेषज्ञोें ने हरतालिका तीज व्रत के लिए सही तारीख 14 सितंबर से बताई है। इसके पक्ष में शास्त्रोक्त तथ्य भी प्रस्तुत किए।
कुंवारी युवतियों को मनपसंद पति मिलता है वहीं सुहागिन महिलाओं को अखंड सौभाग्य
ज्योतिषाचार्य पंडित सोमेश परसाई बताते हैं कि हरतालिका तीज व्रत को मनोयोग से करने से जहां कुंवारी युवतियों को मनपसंद पति मिलता है वहीं सुहागिन महिलाओं को अखंड सौभाग्य और खुशियों से भरे वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद प्राप्त होता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, व्रत का विधिपूर्वक पारण करने पर ही पूर्ण फल प्राप्त होता है। ज्योतिषाचार्य पंडित सोमेश परसाई के अनुसार इस बार हरतालिका तीज का व्रत 14 सितंबर यानि सोमवार के दिन रखा जाएगा। हालांकि तृतीया तिथि एक दिन पहले ही प्रारंभ हो जाएगी पर शास्त्रानुसार उदया तिथि का नियम लागू होगा।
हरतालिका तीज तिथि के संबंध में पंडित अरुण बुचके भी इसकी तस्दीक करते हैं। वे बताते हैं कि इस साल भाद्रपद शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 13 सितंबर को सुबह 7.08 बजे से शुरू हो जाएगी। 14 सितंबर को सुबह 7.06 बजे इसका समापन होगा। हिंदू पंचांग के अनुसार, उदया तिथि के आधार पर हरतालिका व्रत 14 सितंबर को ही रखा जाएगा।
ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र नागर ने भी हरतालिका तीज व्रत के लिए शास्त्रोक्त पक्ष बताया। उन्होंने कहा कि उदया तिथि के अनुसार 14 सितंबर को यह व्रत रखना उचित होगा। इस दिन शिव-पार्वती की पूजा के लिए अनेक शुभ मुहूर्त हैं। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:32 बजे से 5:19 बजे तक और इसके लिए सुबह 6:05 बजे से 7:06 बजे तक पूजन के लिए सर्वोत्तम रहेगा। सोमवार को सुबह 11:52 बजे से दोपहर 12:41 बजे तक अभिजीत मुहूर्त रहेगा। यह समय भी पूजा और दान-पुण्य के लिए श्रेष्ठ रहेगा।
Updated on:
08 Sept 2026 05:46 pm
Published on:
08 Sept 2026 05:25 pm
