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हुब्बल्ली में आईमाता का 611वां अवतरण दिवस, 12-13 सितंबर को होंगे आयोजन

आईमाता के 611वें अवतरण दिवस एवं भादवी बीज के पावन अवसर पर हुब्बल्ली में सीरवी समाज की ओर से श्रद्धा और आस्था के साथ विभिन्न धार्मिक आयोजन किए जाएंगे।
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हुबली

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ASHOK SINGH RAJPUROHIT

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Updated: 7 Sep 2026, 10:00 PM IST

आई माता

आई माता

इस अवसर पर 12 सितंबर को जागरण होगा जिसमें राजस्थान की भजन मंडली अपनी प्रस्तुति देंगी। वहीं 13 सितंबर को विभिन्न धार्मिक आयोजन होंगे। कार्यक्रम गोकुल रोड केएसआरटीसी डिपो के सामने नानकी कन्वेंशन सेन्टर में रखा गया है। समाजबंधु मां आईमाता का पूजन-अर्चन कर सुख-शांति, समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना करेंगे। आईपंथ के आराध्य आईमाता के अवतरण दिवस के रूप में भादवी बीज का विशेष धार्मिक महत्व है। इस अवसर पर हुब्बल्ली-धारवाड़ सहित आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले समाजबंधु एकत्र होकर अपनी धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं का स्मरण करेंगे।

भादवी बीज को लेकर उत्साह

आईपंथ की मान्यता के अनुसार विक्रम संवत 1472 में भादवा सुदी बीज के दिन मां आईमाता का प्राकट्य हुआ था। इसी उपलक्ष्य में भादवी बीज को अवतरण दिवस के रूप में मनाया जाता है। आईमाता की परंपरा में राजस्थान के नारलाई और बिलाड़ा का विशेष महत्व है। मान्यता के अनुसार नारलाई में भादवी बीज के शुभ दिन अखंड केसर ज्योत प्रज्वलित की गई थी। वहीं विक्रम संवत 1525 में बिलाड़ा में प्रथम अखंड ज्योत की स्थापना की परंपरा जुड़ी हुई है। हुब्बल्ली में रहने वाले सीरवी समाजबंधुओं में भादवी बीज को लेकर उत्साह है। समाज के लोग नई पीढ़ी को आईमाता की शिक्षाओं, धार्मिक आस्था और समाज की गौरवशाली परंपराओं से जोडऩे के संकल्प के साथ पर्व मनाएंगे।