
Sawan 2026: सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे पवित्र समय माना जाता है। 30 जुलाई (गुरुवार) से सावन का महीना शुरू हो गया है। इस दौरान शिव भक्त जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, व्रत और विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। इसी पावन महीने में आने वाला नाग पंचमी का पर्व भी विशेष महत्व रखता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन नाग देवता की पूजा करने से सुख-समृद्धि, परिवार की खुशहाली और भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है।
हिंदू धर्म में नागों को दिव्य शक्ति और प्रकृति के रक्षक के रूप में पूजा जाता है। भगवान शिव के गले में विराजमान नाग उनके साथ नागों के विशेष संबंध का प्रतीक हैं। यही वजह है कि सावन के महीने में आने वाली नाग पंचमी का महत्व और अधिक बढ़ जाता है। मान्यता है कि इस दिन नाग देवता की पूजा करने और उन्हें दूध अर्पित करने से जीवन में सुख-शांति, समृद्धि और सुरक्षा का आशीर्वाद मिलता है।
द्रिक पंचांग के अनुसार वर्ष 2026 में पंचमी तिथि 16 अगस्त को शाम 4:52 बजे शुरू होगी और 17 अगस्त को शाम 5:00 बजे तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर नाग पंचमी का पर्व 17 अगस्त 2026, सोमवार को मनाया जाएगा।
नाग देवता की पूजा के लिए शुभ समय सुबह 5:51 बजे से सुबह 8:29 बजे तक रहेगा। इस दौरान श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना के लिए लगभग 2 घंटे 37 मिनट का शुभ समय मिलेगा।
शिव के भक्त अपनी-अपनी मनोकामना पूरी करने के मकसद से सावन में विशेष रूप से शिव की पूजा करते हैं। राजस्थान पुजारी महासंघ के प्रदेश कार्यवाहक अध्यक्ष पंडित सुदामा शर्मा का कहना है कि शादी में रुकावट दूर करने की कामना रखने वाले युवा सावन में नियमित रूप से श्रद्धापूर्वक शिवलिंग पर कच्चा दूध, जल और शहद मिलाकर अभिषेक कर सकते हैं। साथ ही, माता पार्वती को सुहाग का सामान अर्पित करें। उनका कहना है कि ऐसा करने से विवाह संबंधी बाधाएं दूर होने की मान्यता है।
इसी तरह, यदि आप आर्थिक समस्याओं या कर्ज से परेशान हैं, तो सावन के महीने में भगवान शिव की विशेष पूजा करना शुभ माना जाता है। प्रतिदिन जल में काले तिल मिलाकर भगवान शिव को अर्पित करें। पूरी श्रद्धा और नियमित रूप से इस उपाय को करने से कर्ज से राहत मिलने की धार्मिक मान्यता है।