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Ratha Saptami 2026 Date: कब मनाई जाएगी रथ सप्तमी? यहां जानिए तिथि और महत्व

Ratha Saptami 2026 Date: रथ सप्तमी के दिन भगवान सूर्य देव की उपासना की जाती है। इस दिन सूर्य देव की पूजा करने से साधक को अरोग्यता का वरदान मिलता है। ऐसे में चलिए जानते हैं साल 2026 में रथ सप्तमी कब मनाई जाएगी। यहां जानिए तिथि और महत्व।

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Jan 12, 2026
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Ratha Saptami 2026 Date: हिंदू धर्म में सप्तमी तिथि को भगवान सूर्य देव की पूजा के लिए समर्पित माना गया है। सूर्यदेव को अरोग्यता प्रदान करने वाला माना जाता है। सूर्य की उपासना करने से साधक को सुख, समृद्धि के साथ- साथ निरोग काया की भी प्राप्ति होती है। रथ सप्तमी हर साल माघ मास की शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि के दिन मनाया जाता है। इस दिन भगवान सूर्य देव को जल अर्पित किया जाता है और उनकी विधिपूर्वक पूजा की जाती है। इस शुभ तिथि पर सूर्य देव की पूजा करने से और दान- पुण्य करने से व्यक्ति को पुण्य फल की प्राप्ति होती है। रथ सप्तमी के दिन सूर्य देव की उपासना करने से सात प्रकार के पापों से मुक्ति मिलती है और मानसिक शांति की भी प्राप्ति होती है। आइए जानते हैं इस साल रथ सप्तमी कब है।

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रथ सप्तमी डेट 2026


रथ सप्तमी हर साल माघ महीने की शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि के दिन मनाई जाती है। इस साल इस तिथि की शुरुआत 24 जनवरी को रात 12 बजकर 39 मिनट पर होगी और इसका समापन 25 जनवरी को रात 11 बजकर 10 मिनट पर होगा। ऐसे में उदयातिथि के अनुसार इस साल रथ सप्तमी 25 जनवरी 2026 को मनाई जाएगी।

रथ सप्तमी शुभ मुहूर्त 2026


रथ सप्तमी के दिन स्नान का मुहूर्त सुबह 5 बजकर 26 मिनट से लेकर 7 बजकर 13 मिनट तक रहने वाला है। इस दिन सूर्योदय 7 बजकर 13 मिनट पर होगा। इस शुभ मुहूर्त में आप स्नान कर सकते हैं और उसके बाद सूर्य देव की पूजा कर सकते हैं।

रथ सप्तमी पूजा विधि

  • रथ सप्तमी के दिन शुभ मुहूर्त में स्नान करें और साफ वस्त्र धारण करें।
  • इस दिन आप स्नान के बाद सूर्य देवता को जल अर्पित करें।
  • सूर्य देवता को जल अर्पित करते समय मंत्र का जाप करें।
  • फिर सूर्य चालीसा का पाठ करें और पूजा करने के बाद दान करें।

रथ सप्तमी का महत्व


सनातन धर्म में रथ सप्तमी का बहुत ही खास महत्व है। ये तिथि सूर्य देव की उपासना के लिए सबसे उत्तम मानी जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार रथ सप्तमी के दिन भगवान सूर्य देव सात सफेद घोड़ों वाले रथ पर विराजमान होते हैं। इस दिन इनकी ऊर्जा और अधिक हो जाती है, इसलिए रथ सप्तमी पर सूर्य की पूजा करने से जातक की कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत होती है और साधक को निरोग काया की प्राप्ति होती है। ऐसा माना जाता है कि इसी तिथि पर सूर्य का जन्मदिवस भी मनाया जाता है। इस दिन सूर्य की किरण औषधीय गुणों से भरपूर मानी जाती है, इसलिए इस तिथि पर कुछ क्षण के लिए ही सूर्य की किरण में रहना लाभकारी माना जाता है।

Published on:
12 Jan 2026 02:00 pm
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