Shani Ki dhaiya 2025: नया वर्ष 2025 बेहद खास है, इस साल 4 बड़े ग्रहों का राशि परिवर्तन होगा। इसमें सबसे शक्तिशाली ग्रह गोचर शनि का होगा। इसी कारण कुछ राशियों से ढैया, साढ़ेसाती उतरेगी तो कुछ पर चढ़ जाएगी। इसके बाद ढैया साढ़ेसाती शुरू होने से धन हानि जैसे कई दुष्प्रभाव झेलने पड़ सकते हैं। आइये जानते हैं किन राशियों पर ढैया साढ़ेसाती शुरू हो रही है और किस पर से उतर रही है।
Shani Ki dhaiya 2025: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार 14 मई 2025 को बृहस्पति वृषभ राशि से निकलकर मिथुन राशि में गोचर करेंगे। इसके बाद 18 मई को राहु और केतु क्रमशः कुंभ और सिंह राशि में गोचर करेंगे। वहीं 29 मार्च 2025 को शनि कुंभ राशि से निकलकर मीन राशि में गोचर करेंगे।
इससे कुंभ राशि में शनि के प्रवेश करते ही कर्क और वृश्चिक राशि वालों पर शुरू हुई शनि की ढैया और मकर, कुंभ और मीन राशि पर शनि की साढ़ेसाती में बदलाव आएगा। आइये जानते हैं किन राशियों पर साढ़ेसाती शुरू होगी
वैदिक ज्योतिष अनुसार आयु, दुख, रोग, पीड़ा, विज्ञान, तकनीकी, लोहा, खनिज तेल, कर्मचारी, सेवक, जेल आदि के कारक शनि देव 29 मार्च 2025 को कुंभ राशि से निकलकर गुरु बृहस्पति की राशि मीन राशि में प्रवेश करेंगे। इससे मकर राशि वालों की साढ़ेसाती समाप्त हो जाएगी और मेष राशि के जातकों की साढ़ेसाती शुरू हो जाएगी। वहीं मीन राशि पर दूसरे चरण और कुंभ राशि पर तीसरे चरण की साढ़ेसाती शुरू होगी।
साथ ही शनि देव के मीन राशि में गोचर करते ही शनि की ढैया वृश्चिक राशि वालों से समाप्त हो जाएगी और धनु राशि के लिए शुरू हो जाएगी। इस शनि गोचर के साथ ही कर्क राशि के लिए कंटक शनि का प्रभाव समाप्त हो जाएगा, जबकि सिंह राशि के लिए यह प्रभाव शुरू हो जाएगा।
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शनि देव के मीन राशि में गोचर से मेष राशि वालों पर पहले चरण की साढ़ेसाती शुरू होगी। इससे मेष राशि वालों के लिए लंबी यात्राओं का योग बनेगा। इससे खर्च में बढ़ोतरी होगी।
इस समय मेष राशि वालों को आंखों और पैरों से संबंधित रोग परेशान कर सकते हैं। इस समय मंगल की इस राशि के लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता घटेगी और कई बीमारियां घेर सकती हैं। जुलाई से नवंबर के बीच शनि जब उल्टी चाल चलेंगे तब मेष राशि के लोगों को विशेष ध्यान देना होगा।
शनि की ढैया के समय अच्छे कर्म का अच्छा नतीजा और बुरे कर्म का बुरा नतीजा होता है। इस समय ब्याज का धंधा करने, पराई स्त्री पर नजर रखने, झूठ बोलने, शराब पीने, चोरी करने, गरीबों को सताने, जानवरों को मारने, सांप को मारने और देवताओं का अपमान करने जैसे काम नहीं करने चाहिए।
1. कुत्ते, कौवे या गाय को रोटी खिलाते रहें।
2. अंधे लोगों को भोजन कराएं।
3. शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष के सामने दीया जलाएं।
4. शनि मंदिर में शनि से जुड़ी वस्तुएं दान करें।
5. 11 शनिवार को शनि मंदिर में छाया दान करें।
6. सफाईकर्मी, मजदूर और विधवाओं को कुछ न कुछ दान दें।
7. हनुमान जी की पूजा करें और नित्य हनुमान चालीसा का पाठ करें।