Shattila Ekadashi Vrat Rules: षटतिला एकादशी के दिन क्या करना चाहिए और क्या नहीं , इसके बारे में शास्त्रों में बताया गया है। इस दिन कुछ काम को करने की पूरी तरह मनाही होती है। ऐसे में आइए जानते हैं षटतिला एकादशी के दिन क्या करें और क्या नहीं। यहां जाने पूरा नियम।
Shattila Ekadashi Vrat Rules: षटतिला एकादशी का व्रत हर साल माघ मास की कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि के दिन रखा जाता है। इस साल षटतिला एकादशी का व्रत 14 जनवरी 2026 को रखा जाएगा। इसी दिन मकर संक्रांति का पर्व भी मनाया जाता है। षटतिला एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा- अर्चना करना अत्यंत ही शुभ फलदायी माना जाता है। षटतिला एकादशी के दिन लिए शास्त्रों में कुछ खास नियम बताए गए हैं। यदि हम इन नियमों का पालन करते हैं तो हमें अक्षय फल की प्राप्ति होती है। षटतिला एकादशी के दिन कुछ गलतियों को करने से हमें इसका नकारात्मक परिणाम झेलना पड़ सकता है। आइए जानते हैं इस एकादशी पर क्या करें क्या नहीं
षटतिला एकादशी का शास्त्रों में बहुत ही महत्व बताया गया है। ये तिथि भगवान विष्णु की पूजा के लिए समर्पित होती है। षटतिला एकादशी के दिन तिल का अलग- अलग रूप में प्रयोग करने से उत्तम फल की प्राप्ति होती है। षटतिला एकादशी का व्रत मोक्ष प्रदान करने वाला माना जाता है। इस दिन व्रत करने से साधक को सुख, समृद्धि की प्राप्ति होती है और जन्म जन्मांतर के पापों से मुक्ति मिलती है। इस दिन तिल का तर्पण करने से पितरों की आत्मा को भी शांति मिलती है।