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Surya Grahan 2026: हरियाली अमावस्या पर साल का दूसरा सूर्य ग्रहण, जानें भारत में सूतक काल मान्य होगा या नहीं

Solar Eclipse 2026: 12 अगस्त 2026 को हरियाली अमावस्या के दिन साल का दूसरा सूर्य ग्रहण लगेगा। जानें ग्रहण का समय, किन देशों में दिखाई देगा, भारत में इसका प्रभाव क्या होगा और सूतक काल मान्य रहेगा या नहीं।

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Jun 22, 2026
Solar Eclipse India 2026
Surya Grahan 2026 : सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई देगा या नहीं

Solar Eclipse August 12 2026: श्रावण मास की हरियाली अमावस्या (Hariyali Amavasya) इस बार एक विशेष खगोलीय घटना की साक्षी बनने जा रही है। 12 अगस्त 2026 को वर्ष का दूसरा और अंतिम सूर्य ग्रहण (Surya Grahan 2026) लगेगा, जिसे लेकर धार्मिक और ज्योतिषीय दोनों दृष्टिकोणों से काफी चर्चा हो रही है। यह ग्रहण कई देशों में दिखाई देगा, जबकि भारत में इसकी दृश्यता को लेकर अलग स्थिति रहेगी। ग्रहण के साथ सूतक काल लागू होगा या नहीं, इसका प्रभाव किन राशियों और क्षेत्रों पर पड़ सकता है तथा इस दुर्लभ खगोलीय घटना की क्या विशेषताएं हैं, इसे जानने के लिए लोगों में उत्सुकता बनी हुई है।

ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि साल का दूसरा सूर्य ग्रहण (Surya Grahan 2026)12 अगस्त 2026 को लगेगा। श्रावण मास की हरियाली अमावस्या (Hariyali Amavasya) को यह ग्रहण लगेगा। भारत को छोड़कर उत्तरी अमेरिका, अफ्रीका, यूरोप आर्कटिक, ग्रीनलैंड, आइसलैंड, स्पेन में दिखाई देगा। साल का दूसरा सूर्य ग्रहण 12 अगस्त, 2026 को लगेगा। श्रावण मास की हरियाली अमावस्या को यह ग्रहण लगेगा। भारत को छोड़कर उत्तरी अमेरिका, अफ्रीका, यूरोप आर्कटिक, ग्रीनलैंड, आइसलैंड, स्पेन में दिखाई देगा।

12 अगस्त 2026 को दूसरा सूर्य ग्रहण

साल 2026 का दूसरा और आखिरी सूर्य ग्रहण (Surya Grahan 2026) 12 अगस्त को लगेगा। इस सूर्य ग्रहण की शुरुआत रात करीब 09:04 मिनट से होगी जिसका समापन 13 अगस्त को सुबह 04:25 मिनट पर होगा। दूसरा सूर्य ग्रहण (Surya Grahan 2026) 12 अगस्त 2026 का सूर्य ग्रहण आर्कटिक, ग्रीनलैंड, आइसलैंड, स्पेन, रूस और पुर्तगाल के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा। यहां के लोग पूर्ण सूर्य ग्रहण का नजारा देख सकेंगे। यहां दिन में कुछ समय के लिए पूरी तरह से अंधेरा छा जाएगा। वहीं उत्तरी अमेरिका, यूरोप और पश्चिमी अफ्रीका के कुछ हिस्सों में इस दिन आंशिक सूर्य ग्रहण दिखेगा।

कर्क राशि में लगेगा सूर्य ग्रहण

पंचांग गणना के अनुसार साल का यह दूसरा सूर्य ग्रहण (Surya Grahan 2026) कर्क राशि में रहेगा। इस दौरान सूर्य कर्क राशि में संचरण कर रहे होंगे। कर्क राशि के स्वामी चंद्रमा होते हैं और इस दौरान देवगुरु बृहस्पति कर्क राशि में मौजूद होंगे। कर्क राशि में देवगुरु बृहस्पति उच्च के होते हैं। वहीं अगर नक्षत्र की बात करे तो सूर्य ग्रहण के दौरान अश्लेषा नक्षत्र में विराजमान रहेंगे।

कब लगता है सूर्य ग्रहण

हिंदू धर्म में ग्रहण की घटना को बहुत अच्छा नहीं माना जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार सूर्य ग्रहण (Surya Grahan 2026) हमेशा अमावस्या तिथि पर ही लगता है। सूर्यग्रहण के दौरान सूर्य चंद्रमा और पृथ्वी तीनों ही एक लाइन में आ जाते हैं यानी सूर्य और पृथ्वी के बीच चंद्रमा आ जाता है। ऐसे में चंद्रमा की परछाई पृथ्वी पर पड़ती है। 12 अगस्त 2026 को लगने वाला यह सूर्य ग्रहण एक वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा। जिसमें सूर्य रिंग ऑफ फायर के रूप में दिखाई देगा।

भारत में नहीं दिखेगा सूर्य ग्रहण

ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि साल 2026 का यह दूसरा सूर्य ग्रहण भारत में नहीं देखा जा सकेगा क्योंकि ग्रहण भारतीय समयानुसार रात में शुरू होगा जिसके कारण इसे भारत में नहीं देखा जा सकेगा।

मान्य नहीं होगा सूतक काल

हिंदू धर्म में ग्रहण की घटना को अशुभ माना जाता है। ग्रहण के लगने के कुछ घंटों पहले तक सूतक काल शुरू हो जाता है। शास्त्रों के अनुसार जब सूर्य ग्रहण लगता है तो उसके आरंभ होने के करीब 12 घंटे पहले से सूतक काल लग जाता है। सूतक काल के समय को अच्छा नहीं माना जाता है। सूतक में किसी भी तरह के मांगलिक और शुभ कार्य करना वर्जित होता है।

इस दौरान मंदिरों के कपाट भी बंद कर दिए जाते हैं। पूजा-पाठ करना वर्जित होता है। यह सूतककाल ग्रहण के समापन तक चलता है। ग्रहण की समाप्ति के बाद स्नान और पूरे घर में गंगाजल का छिड़काव करके दोबारा से मंदिर खोला जाता है। लेकिन यह सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा जिसके कारण इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा।

कहां-कहां दिखाई देगा यह सूर्य ग्रहण

भारत में रात होने की वजह से साल का यह आखिरी सूर्य ग्रहण (Surya Grahan 2026) नहीं दिखाई देगा। इस वलयाकार सूर्य ग्रहण को यूरोप के कई देशों अटलांटिक महासागर और रूस के कुछ हिस्सों में देखा जा सकेगा। साल 2026 में लगने वाला पूर्ण सूर्य ग्रहण यूरोप के लिए बेहद खास है।

यह 100 साल से भी ज्यादा समय बाद स्पेन की मुख्य भूमि से नजर आने वाला पहला पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा। उत्तरी स्पेन, ग्रीनलैंड, आइसलैंड और पुर्तगाल कुछ इलाकों में पूर्ण सूर्य ग्रहण नजर आएगा। यहां पर चंद्रमा कुछ समय के लिए सूरज को ढक लेगा। इस दौरान आसमान में अंधेरा छा जाएगा। यूरोप के बाकी जगहों, अफ्रीका और उत्तरी अमेरिका के बड़े हिस्से में आंशिक सूर्य ग्रहण दिखेगा।

Published on:
22 Jun 2026 11:02 am