शुक्र–मंगल ग्रह युद्ध रिश्तों को तोड़ने नहीं, बल्कि सच्चाई दिखाने आता है। यह समय डरने का नहीं, साफ बात करने का है। सही तरीके से संभाला जाए, तो यही टकराव रिश्ते को नए स्तर पर ले जा सकता है।
अगर इन दिनों आपके रिश्ते में अचानक तनाव बढ़ गया है, छोटी-सी बात बड़ी बहस बन रही है या पार्टनर से बात करते वक्त अजीब सी बेचैनी महसूस हो रही है, तो इसे सिर्फ मूड या छुट्टियों के बाद की उदासी न समझें। वैदिक ज्योतिष के अनुसार, 7 जनवरी 2026 को यानी आज एक दुर्लभ और असरदार ज्योतिषीय घटना घट रही है, जिसे ग्रह युद्ध (Planetary War) कहा जाता है। इस दिन शुक्र और मंगल धनु राशि में एक ही डिग्री पर आकर आमने-सामने होंगे, और इसका सीधा असर रिश्तों, प्यार और कमिटमेंट पर पड़ेगा।
जब दो शक्तिशाली ग्रह एक-दूसरे के बहुत करीब एक ही डिग्री पर आ जाते हैं, तो वैदिक ज्योतिष में इसे ग्रह युद्ध कहा जाता है। इस स्थिति में दोनों ग्रह एक ही क्षेत्र, एक ही ऊर्जा और व्यक्ति के जीवन पर नियंत्रण के लिए “टकराते” हैं। इस बार यह युद्ध शुक्र (Venus) और मंगल (Mars) के बीच है, जो रिश्तों के लिए सबसे अहम ग्रह माने जाते हैं।
मंगल आक्रामकता, गुस्सा, ईगो और एक्शन का प्रतीक है, जबकि शुक्र प्यार, शांति, समझ और संतुलन को दर्शाता है। इस युद्ध में मंगल हावी माना जा रहा है। इसका मतलब है कि दबाई हुई भावनाएं बाहर आ सकती हैं। लोग वो बातें कह सकते हैं, जो लंबे समय से मन में थीं। यह डरावना लग सकता है, लेकिन यही सच्चाई रिश्तों को आगे बढ़ाने का मौका भी देती है।
यह ग्रह युद्ध बहुत लंबा नहीं है, लेकिन लगभग 24 घंटे तक इसकी ऊर्जा चरम पर रहती है। इसी समय रिश्तों में “अब या कभी नहीं” वाला भाव आ सकता है। अगर इस दौरान ईमानदारी से बात की जाए, सीमाएं तय की जाएं, तो आगे का रास्ता साफ हो सकता है। चुप्पी साधने से बाद में पछतावा हो सकता है।
धनु (Sagittarius): लड़ाई आपकी राशि में है, आज़ादी बनाम कमिटमेंट का सवाल उठेगा।
मिथुन (Gemini): शादी और पार्टनरशिप में तनाव, लेकिन बात करने से रिश्ता गहरा हो सकता है।
मेष (Aries): मंगल आपकी राशि का स्वामी है, आपकी ऊर्जा चरम पर है—इसे लड़ाई नहीं, समाधान में लगाएं।
जरूरी बातें मैसेज पर नहीं, आमने-सामने या कॉल पर करें।
गुस्सा आए तो वॉक या एक्सरसाइज करें।
पार्टनर से पूछें: “हम दोनों का अगला बड़ा लक्ष्य क्या है?”