
Pradosh Vrat : वर्तमान दौर में शादियों में कई दिक्कतें आ रहीं हैं। अनेक जातक तो अच्छे केरियर, नाम-पैसा होने के बाद भी अविवाहित ही बैठे हैं। कुंडली के कुछ दोषों के कारण यह स्थिति बनती है। विवाह के इच्छुक ऐसे लोगोें के लिए शुभ समाचार है। 8 सितंबर को भाद्रपद महीने के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि है जिस दिन प्रदोष व्रत रखा जाता है। इस बार प्रदोष व्रत मंगलवार के दिन आ रहा जिससे इसका महत्व और ज्यादा हो गया है। इसे भौम प्रदोष कहा जाता है। इस दिन व्रत रखकर शिवजी के साथ विधिविधान से हनुमानजी की पूजा अर्चना करनी चाहिए। इससे विवाह बाधा खत्म हो सकती है।
ज्योतिषाचार्य पंडित अरुण बुचके के अनुसार भौम प्रदोष पर शुभ मुहूर्त में शिवलिंग पर जल अर्पित करें। शिवजी के अभिषेक के बाद हनुमानजी की पूजा करें। भौम प्रदोष व्रत रखकर प्रदोष काल में भगवान शिव की आराधना करने से जहां उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है वहीं इससे मंगल देव भी प्रसन्न होते हैं। हनुमानजी की पूजा करने, हनुमानचालीसा का पाठ करने से मंगल देव का आशीर्वाद प्राप्त होता है जिससे विवाह संबधी रुकावटें समाप्त होती हैं।
ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र नागर के मुताबिक 8 सितंबर 2026 को त्रयोदशी तिथि दोपहर 2:42 बजे प्रारंभ होगी। यह 9 सितंबर को दोपहर 12:30 बजे तक रहेगी। इस प्रकार उदया तिथि के अनुसार त्रयोदशी तिथि 9 सितंबर को पड़ेगी, लेकिन प्रदोष व्रत 8 सितंबर को ही पड़ेगा। दरअसल इस व्रत में प्रदोष काल का महत्व है। पंचांग के अनुसार, प्रदोष काल 8 तारीख को ही रहेगा। इस दिन मंगलवार है इसलिए यह भौम प्रदोष होगा।
भौम प्रदोष पर व्रत रखकर शिवजी के साथ हनुमानजी की पूजा भी करनी चाहिए। इस दिन हनुमानजी के मंदिर में दीपक जलाएं और संभव हो तो चोला भी चढ़ाएं। इसके बाद हनुमानचालीसा का सात बार पाठ करें। इन उपायों से बहुत अच्छे परिणाम प्राप्त होते हैं। व्रत के प्रभाव से धीरे धीरे शुभता बढ़ेगी और विवाह बाधा खत्म होती जाएगी। विवाह के लिए उचित रिश्ते आने लगेंगे।
ज्योतिषाचार्य सोमेश परसाई बताते हैं कि भौम प्रदोष पर व्रत रखकर शिव और हनुमानजी की पूजा पाठ करने से न केवल विवाह बाधा खत्म होती है बल्कि विवाहितों को दांपत्य सुख भी मिलता है। इस पूजा से शादी में आती दिक्कतें दूर होने लगती हैं और दांपत्य जीवन में प्रेम भी बढ़ने लगता है।