विकास खण्ड भाग्यनगर क्षेत्र की ग्राम पंचायत खोयल के दर्जनों
लोग सोमवार को प्रधान मीरा देवी के साथ प्राथमिक विद्यालय
पहुंचे। इस दौरान विद्यालय एक शिक्षिका के सहारे मिला। बच्चों के अभिभावक तैनात
प्रधानाध्यपिका सुनीता यादव द्वारा बच्चों को मीनू के तहत खाना न परोसने की
शिकायत लेकर गये थे। जब उनको पता चला कि प्रधानाध्यापिका नहीं आई है तो
अभिभावको में यह जानकर रोष पैदा हो गया कि एक शिक्षका ही कक्षा एक से लेकर 5
तक के बच्चों को घेरे बैठी हुई है और कुछ बच्चे स्कूल में धमाचौकड़ी मचाये हुये है।
प्राथमिक विद्यालय की खस्ताहाल शिक्षा व्यवस्था को लेकर प्रधान
मीरा देवी ने बताया की जब से इस विद्यालय में प्रधानाध्यापिका ने चार्ज
संभाला है। नौनिहाल बच्चों का भविष्य चौपट होता जा रहा है। बच्चों को हिंदी
भी गलत पढ़ाई जा रही है। प्रधान ने यह भी बताया की बच्चों को मीनू के तहत
खाना भी नहीं दिया जा रहा है। विद्यालय में हर समय शौचालय में ताला लटका रहता
है जिससे बच्चे घरों की तरफ भागते नजर आते है। मैंने कई बार विद्यालय का
निरीक्षण किया मगर हर बार अनियमितताये देखने को मिली। प्रधानाध्यापिका का
पति हर समय स्कूल में बना रहता है। और बच्चों के अभिभावकों को हडका कर भगा
देता है। अपने को वकील बताकर मुकदमा खड़ा करने की गांव वालों को भमकी भी दे
रहा है। बच्चों के अभिभावको में सोमवार को स्कुल में पहुंच कर
प्रधानाध्यापिका का काला चिटठा खोलते बताया क़ि बच्चों को दूध के नाम पर
पानी मिला दूध दिया जा रहा है खाने में कई बार सुडी पायी गई है बच्चों को
ऐसा खाना दिया जा रहा है जिसे जानवर भी खाना पसन्द नहीं करते है।
गांव के
राजकुमार , संतोष कुमार ,जीते लाल , राम कुमार , छोटेलाल , विक्रम ,रतन ,
श्रीकृष्ण , मुकेश , पिन्टू ,सन्जू , जतन , चिंटु खा ,शमसाद खा ,अतुल ,असलम
, आदि ने जिला अधिकारी महोदय से प्राथमिक विद्यालय खोयला में खुली जांच कराये जाने की मांग की है। इस सम्बन्ध में प्रधान
मीरा देवी ने बताया कि फोन से ओरैया जिला अधिकारी महोदय को स्कूल की
समस्याओं को लेकर अवगत कराया है इसके अलावा एमडीएम को लेकर टोलफ्री नम्बर पर
अवगत कराया दिया गया है।