अयोध्या में ऐतिहासिक पल! राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राम मंदिर में स्थापित किया खास ‘राम यंत्र’, जानिए इसकी रहस्यमयी शक्ति, महत्व और इस भव्य आयोजन की पूरी कहानी।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अयोध्या दौरे ने आज धार्मिक माहौल को और खास बना दिया। हिंदी नववर्ष और वासंतिक नवरात्रि के पहले दिन उनके आगमन को बेहद शुभ माना जा रहा है। एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत के बाद राष्ट्रपति सीधे राम मंदिर पहुंचीं। जहां उन्होंने पूजा-अर्चना कर महत्वपूर्ण अनुष्ठानों में भाग लिया। इस दौरान राम यंत्र की स्थापना सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र रही।
अयोध्या में गुरुवार को आस्था और भक्ति का अनोखा संगम देखने को मिला, जब द्रौपदी मुर्मू यहां विशेष दौरे पर पहुंचीं। सुबह करीब साढ़े 10 बजे वह महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पहुंचीं। जहां योगी आदित्यनाथ और आनंदीबेन पटेल सहित कई नेताओं ने उनका स्वागत किया। इसके बाद राष्ट्रपति सड़क मार्ग से सीधे राम मंदिर के लिए रवाना हो गईं।
मंदिर पहुंचकर राष्ट्रपति ने भगवान रामलला के दर्शन किए और विशेष धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने ‘राम यंत्र’ की स्थापना भी की। जो इस पूरे कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा। बताया जा रहा है कि यह यंत्र विशेष वैदिक विधि से तैयार किया गया है। इसे सकारात्मक ऊर्जा व आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक माना जाता है। राम यंत्र को तमिलनाडु के कांचीपुरम में तैयार किया गया था। जिसके बाद इसे तिरुपति होते हुए रथ यात्रा के जरिए अयोध्या लाया गया। करीब 150 किलो वजनी इस यंत्र पर सोने की परत चढ़ी हुई है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, यह यंत्र भगवान राम और अन्य देवी-देवताओं की शक्तियों को केंद्रित करने का माध्यम होता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रपति को मंदिर निर्माण की प्रगति और उससे जुड़े कार्यों की विस्तृत जानकारी भी दी। राष्ट्रपति ने राम दरबार में आरती की और वहां स्थापित मूर्तियों के बारे में जानकारी प्राप्त की। राष्ट्रपति के स्वागत के लिए पूरे शहर में खास तैयारियां की गई थीं। एयरपोर्ट से मंदिर तक करीब 20 मंच बनाए गए थे। जहां 250 से अधिक कलाकारों ने रामायण और रामभक्ति पर आधारित कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इन मंचों पर भजन, लोकगीत, नृत्य और झांकियों ने माहौल को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया।
सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर में मोबाइल फोन और वीआईपी पास पर रोक लगाई गई। सभी श्रद्धालुओं को सामान्य व्यवस्था के तहत ही दर्शन करने की अनुमति दी गई। राष्ट्रपति का अयोध्या में लगभग पांच घंटे का कार्यक्रम तय है। इसके बाद वह मथुरा के लिए रवाना होंगी। जहां उनके कई धार्मिक स्थलों पर जाने का कार्यक्रम है। यह दौरा धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से बेहद खास माना जा रहा है।