
Kathavachak Pawan Dev Maharaj Case Update: अयोध्या के चर्चित कथावाचक पवन देव महाराज कानूनी विवाद में फंस गए हैं। बिहार के सीवान की एक महिला की शिकायत पर उनके खिलाफ दुष्कर्म, मारपीट, धमकी समेत कई गंभीर आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया है।
महिला के मुताबिक, उसकी मुलाकात पवन देव महाराज से बिहार के चंपारण में आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम (कथा) के दौरान हुई थी। परिचय होने के बाद दोनों के बीच फोन पर बातचीत होने लगी और नजदीकियां बढ़ गई। महिला का आरोप है कि कथावाचक ने उसे अपनी बातों में फंसाया और शादी का भरोसा देकर उसे और उसके बेटे को अपने साथ अयोध्या ले आए। यहां उसके साथ दुष्कर्म किया गया। जब उसने इस बात का विरोध किया, तो आरोपी ने उसे शादी का झांसा देकर शांत करा दिया।
पीड़ित महिला के मुताबिक, मंदिर में विवाह संपन्न होने के बाद वह आरोपी के साथ रहने लगी। इसी बीच कथावाचक ने उससे कहा कि मैं आपको अपने घर ले चलता हूं, आपको अपनी पत्नी बना लूंगा, आपको यहां रहने की जरूरत नहीं है। इसके बाद वह मुझे अपने घर ले गया। वहां उसके परिवार के सदस्य उसकी माता, भाई आनंद मिश्रा और पिता रमाकांत शास्त्री भी थे। वहां आरोपी ने मेरे साथ दुष्कर्म किया और धोखाधड़ी से फर्जी शादी रचाई।
पीड़िता का कहना है कि वह कामकाजी महिला थी और पति मानकर उसने कथावाचक की आर्थिक रूप से भी बहुत मदद की। महिला बताती है कि जब भी उसे पैसों की जरूरत होती थी, मैं दे देती थी। हद तो तब हो गई जब वो और उसके पिता मेरे घर से कपड़े और करीब 10 लाख रुपये के कीमती जेवर-सामान अपने साथ ले गए और वापस नहीं किए। महिला का यह भी आरोप है कि जब उसने अपने हक के लिए आवाज उठाई तो उसे अयोध्या आने पर जान से मारने की धमकी दी गई।
इस पूरे मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। दावा किया जा रहा है कि पीड़िता के भाई ने अपनी ही बहन के आरोपों को संदिग्ध बता दिया। भाई का कहना है कि उनका परिवार महिला के इन दावों से सहमत नहीं है। भाई ने पुलिस से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
बता दें कि आरोपी पवन देव महाराज अयोध्या के बीकापुर थाना क्षेत्र के मलेथू कनक गांव के रहने वाले हैं। मामले की अयोध्या पुलिस जांच कर रही है। स्थानीय पुलिस अधिकारियों का कहना है कि महिला की शिकायत के आधार पर एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली गई है। दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और सबूतों की पड़ताल की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।