अयोध्या राम मंदिर में आज बड़ा आयोजन, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगी राम यंत्र स्थापना। 11:55 बजे पूजन, 7 हजार मेहमान मौजूद, जानिए पूरा शेड्यूल, सुरक्षा और खास तैयारियां।
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर आज आस्था और इतिहास का संगम बनने जा रहा है। द्रौपदी मुर्मू यहां श्रीराम यंत्र की स्थापना कर एक नई परंपरा को आगे बढ़ाएंगी। इस पावन अवसर पर देशभर से आए हजारों श्रद्धालु और अतिथि इस दिव्य क्षण के साक्षी बनेंगे। पूरा वातावरण भक्ति और श्रद्धा से सराबोर है।
धर्मनगरी अयोध्या में आज का दिन ऐतिहासिक पल का साक्षी बनने जा रहा है। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अभिजीत मुहूर्त में सुबह 11:55 बजे मंदिर के द्वितीय तल पर श्रीराम यंत्र की स्थापना और विधिवत पूजन करेंगी। यह क्षण न केवल धार्मिक दृष्टि से विशेष है। बल्कि देश की सांस्कृतिक एकता का भी प्रतीक बन रहा है।
राष्ट्रपति का आगमन सुबह करीब 11 बजे महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर होगा। जहां से वे सड़क मार्ग के जरिए मंदिर परिसर पहुंचेंगी। करीब चार घंटे के प्रवास के दौरान वे मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ अन्य धार्मिक स्थलों के भी दर्शन करेंगी। कार्यक्रम में लगभग सात हजार विशिष्ट अतिथि शामिल हो रहे हैं। जिससे पूरे शहर में उत्सव जैसा माहौल बना हुआ है। इस विशेष आयोजन में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल समेत कई संत और गणमान्य लोग मौजूद रहेंगे। इसके साथ ही प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु माता अमृतानंदमयी और दत्तात्रेय होसबोले भी समारोह का हिस्सा बनेंगे।
श्रीराम यंत्र की स्थापना के बाद राष्ट्रपति मंदिर के प्रथम तल पर विराजमान राम परिवार की पूजा और आरती करेंगी। इसके बाद वे सप्तमंडपम में स्थित महर्षि वाल्मीकि, माता शबरी और निषादराज के मंदिरों में भी दर्शन करेंगी। यह क्रम समाज में समानता, समरसता और सभी वर्गों के सम्मान का संदेश देने वाला माना जा रहा है। इस आयोजन को और खास बनाती है राम मंदिर से जुड़ी वह भावनात्मक यात्रा, जो वर्षों से देशवासियों की आस्था का केंद्र रही है। जब निधि समर्पण अभियान की शुरुआत हुई थी। तब तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने योगदान देकर इसकी शुरुआत की थी। उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू यह ऐतिहासिक कार्य कर रही हैं।
मंदिर निर्माण के लिए चले अभियान में देशभर से लोगों ने बढ़-चढ़कर सहयोग किया। संत मोरारी बापू, उद्योगपति मुकेश अंबानी समेत कई प्रमुख हस्तियों ने इसमें योगदान दिया। यह अभियान केवल धन संग्रह नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था और जुड़ाव का प्रतीक बन गया।
राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पूरे क्षेत्र को कई जोन और सेक्टर में बांटकर पुलिस और प्रशासन की टीमें तैनात की गई हैं। भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है। और शहर में विशेष ट्रैफिक व्यवस्था लागू की गई है। आज का यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि देश की आस्था, एकता और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक बनकर इतिहास के पन्नों में दर्ज होने जा रहा