अयोध्या

अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण के लिए नक्शा पास, 36 से 40 महीनों में बनकर होगा तैयार

2 लाख 74 हजार वर्ग मीटर ओपन एरिया और करीब 13000 वर्ग मीटर कवर्ड एरिया का नक्शा पास किया गया है। 13000 वर्ग मीटर कवर्ड एरिया में ही भव्य राम मंदिर का निर्माण किया जाएगा।

2 min read
Sep 02, 2020
अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण के लिए नक्शा पास, 36 से 40 महीनों में बनकर होगा तैयार

अयोध्या. श्रीराम जन्मभूमि मंदिर का नक्शा बुधवार को पास कर दिया गया। अयोध्या विकास प्राधिकरण के चेयरमैन और कमिश्नर एम. पी. अग्रवाल की अध्यक्षता में हुई बोर्ड की बैठक में सर्वसम्मति से नक्शे पर मुहर लगाई गई। 2 लाख 74 हजार वर्ग मीटर ओपन एरिया और करीब 13000 वर्ग मीटर कवर्ड एरिया का नक्शा पास किया गया है। 13000 वर्ग मीटर कवर्ड एरिया में ही भव्य राम मंदिर का निर्माण किया जाएगा। राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने 70 एकड़ परिसर के दो नक्शे अथॉरिटी के सामने रखे थे। इनमें से एक नक्शा 2 लाख 74 हजार वर्ग मीटर के लेआउट का था और दूसरा 12,879 वर्ग मीटर का। दोनों नक्शे बोर्ड की बैठक में पास कर दिए गए गए। इसके बाद राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने कहा कि जल्द ही मंदिर की नींव की खुदाई शुरू हो जाएगी। माना जा रहा है कि ये काम अगले हफ्ते से ही शुरू हो सकता है। लगभग 67 एकड़ भूमि का लेआउट समेत मानचित्र मंजूरी के लिए ट्रस्ट ने प्राधिकरण को सौंपा है। जिसमें करीब पांच एकड़ में राम मंदिर का निर्माण है। बाकी भूमि के लेआउट को इसलिए शामिल किया गया है, जिससे भविष्य में किसी प्रकार के निर्माण में अड़चन न हो।

मंदिर 36 से 40 महीने में बनकर तैयार

लार्सन एंड टूब्रो कंपनी, आईआईटी के इंजीनियरों के एक अनुमान के मुताबिक अयोध्या में भगवान राम का मंदिर 36 से 40 महीने में बनकर तैयार हो सकता है। निर्माण कंपनी लार्सन एंड टूब्रो ने इसके लिए योग्यतम लोगों को अपने साथ जोड़ा है। मंदिर निर्माण में एक ग्राम भी लोहे का प्रयोग नहीं होगा। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि मंदिर की आयु कम से कम एक हजार वर्ष होगी। उन्होंने कहा कि मंदिर स्थल से मिले अवशेषों के श्रद्धालु दर्शन कर सकें, ऐसी व्यवस्था भी की जा रही है। मंदिर निर्माण में पत्थरों का उपयोग होगा। पत्थरों की आयु के हिसाब से ही मंदिर की एक हजार वर्ष आयु का आकलन किया गया है। मिट्टी की ताकत नापने के लिए कंपनी ने आईआईटी चेन्नई की सलाह ली। 60 मीटर गहराई तक की मिट्टी की जांच हुई।

लगभग 5 करोड़ होगी फीस

नक्शा पास कराने के लिए अयोध्या विकास प्राधिकरण को ट्रस्ट की ओर से डेवलेपमेंट, मेंटेनेंस, सुपरविजन फीस के साथ लेबर सेस भी देना पड़ेगा। सारे टैक्स मिलाकर माना जा रहा है कि कुछ अमाउंट करीब 5 करोड़ या उससे ज्यादा का हो सकता है। प्राधिकरण अब फीस जमा करने के लिए ट्रस्ट को नोटिस जारी करेगा। ट्रस्ट को विकास शुल्क के साथ-साथ अनुरक्षण शुल्क पर्यवेक्षण व लेबर सेस भी देना होगा। ट्रस्ट को 2 करोड़ 11 लाख रुपए प्रधिकरण को देना है। इसके अलावा 15 लाख रुपए लेबर डिपार्टमेंट को देना है। ट्रस्ट की तरफ से जमा किया जाने वाला यह शुल्क आयकर छूट के बाद का है। बोर्ड से मानचित्र की मंजूरी के बाद प्राधिकरण शुल्क जमा करने के लिए ट्रस्ट को पत्र जारी करेगा। ट्रस्ट उसी के बाद धनराशि जमा करेगा। धनराशि जमा होने के बाद ही प्राधिकरण स्वीकृत मानचित्र ट्रस्ट को सौंपेगा।

निर्माण कार्य जल्द होगा शुरू

मंदिर ट्रस्ट कार्यालय के प्रभारी प्रकाश गुप्त के मुताबिक राम मंदिर के पांच एकड़ क्षेत्र के सटे जर्जर मंदिरो को गिरा कर साफ करवाया जा रहा है। एलऐंडटी की मशीनें मंदिर परिसर में पहुंच चुकी हैं। कई एक दो दिन में पहुंचने वाली हैं। ऐसे मे मंदिर की नींव की खुदाई कर पिलर खड़ा करने का काम शुरू होने में अब देर नहीं है।

Published on:
02 Sept 2020 04:30 pm
Also Read
View All