
रामजानकी मंदिर के महंत संत दास उर्फ राजेश सिंह मानव ने रामजन्मभूमि थाने में तहरीर देकर धार्मिक भावनाएं आहत करने और कथित जमीन खरीद मामलों की जांच की मांग की है। महंत संत दास ने अपने समर्थकों के साथ थाने के बाहर प्रदर्शन भी किया और चंपत राय के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई। इससे पहले आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह और धर्मसेना प्रमुख संतोष दुबे भी पुलिस को शिकायत सौंप चुके हैं।
महंत संत दास का कहना है कि एक समाचार चैनल को दिए गए पुराने साक्षात्कार की वीडियो क्लिप में चंपत राय रामराज्य को लेकर टिप्पणी करते सुनाई दे रहे हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इस बयान से धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।
हालांकि, संबंधित वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वीडियो कई वर्ष पुराना बताया जा रहा है। इसलिए वीडियो में किए गए कथित दावों और उनके संदर्भ की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि मंदिर क्षेत्र के विकास के दौरान प्रभावित लोगों को पर्याप्त मुआवजा नहीं मिला। साथ ही ट्रस्ट की ओर से की गई कुछ जमीन खरीद को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ता ने इन मामलों की निष्पक्ष और विस्तृत जांच कराने की मांग की है।
राम मंदिर दान और अन्य वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े आरोपों की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) पहले से जांच कर रहा है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा जांच की प्रगति और रिपोर्ट से जुड़ी जानकारी मांगे जाने के बाद मामले पर निगाहें और बढ़ गई हैं।
सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान दान प्रबंधन, प्रशासनिक प्रक्रियाओं और जमीन खरीद से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की जा रही है। हालांकि अभी तक किसी भी आरोप को जांच एजेंसियों ने अंतिम रूप से साबित नहीं किया है।
मामले में आरोप लगाने वाले पक्षों से संबंधित दस्तावेज और साक्ष्य भी मांगे गए थे। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में आवश्यक दस्तावेज जांच एजेंसियों को उपलब्ध करा दिए हैं। अब जांच रिपोर्ट और एजेंसियों के निष्कर्षों का इंतजार किया जा रहा है।
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