
चंपत राय और अनिल मिश्रा
Ram Mandir Donation Theft Case: अयोध्या मामले के पूर्व पक्षकार महंत धर्म दास ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्ट सदस्य अनिल मिश्रा पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
मंगलवार को मीडिया से बात करते हुए महंत धर्म दास ने कहा कि दोनों आरोपियों ने ट्रस्ट के साथ निजी कंपनी जैसा व्यवहार किया और राम मंदिर के नाम पर आए चंदे में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं की हैं। उन्होंने आक्रोश में कहा कि सभी को पता है कि इन लोगों ने जमकर लूट मचाई है। कागजी लिखा-पढ़ी में धोखाधड़ी (420) की गई, करोड़ों रुपये इधर-उधर किए गए और जमीन की खरीद-फरोख्त में भारी हेराफेरी हुई है।
महंत ने अनिल मिश्रा पर विशेष निशाना साधते हुए सवाल किया, आज उनके पास बड़ी-बड़ी कोठियां, कई व्यापार और हवाई जहाज कहां से आ गए? राम मंदिर के चंदे से यह संपत्ति कैसे बनी?
उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले की विशेष जांच दल (SIT) से जांच कराई जाए। महंत धर्म दास ने चेतावनी देते हुए कहा कि भले ही ये लोग अभी बच रहे हों, लेकिन एक दिन कानून के शिकंजे में जरूर फंसेंगे। उन्होंने कहा, राम मंदिर के नाम पर धोखाधड़ी करने वालों को भगवान श्री राम खुद सजा देंगे।
राम मंदिर चंदा चोरी मामले में कोर्ट ने आरोपी रामाशंकर मिश्रा और सुभाष चंद्र श्रीवास्तव को पुलिस की मांगी गई सात दिन की रिमांड के बजाय मात्र 14 घंटे की रिमांड दी है। अयोध्या पुलिस के सूत्रों के अनुसार, इससे पहले चार अन्य आरोपियों से पूछताछ में दो गाड़ियां, सोना, नकदी और निवेश संबंधी महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए थे।
इस बीच, सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर ट्रस्ट को नोटिस जारी कर SIT जांच की स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। इस पर कांग्रेस सांसद सैयद नसीर हुसैन ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सर्वोच्च अदालत ने दान में चोरी के मामले का संज्ञान लिया है। उन्होंने कहा कि अब कई पहलू सामने आ रहे हैं और कुछ लोगों ने जमीन अधिग्रहण के जरिए करोड़ों रुपये का अनुचित फायदा उठाया है।
महंत धर्म दास का यह बयान राम मंदिर ट्रस्ट की वित्तीय लेन-देन को लेकर उठे सवालों के बीच आया है। ट्रस्ट की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। पूरा मामला राम भक्तों और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
Updated on:
14 Jul 2026 10:00 pm
Published on:
14 Jul 2026 10:00 pm
