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Ram Mandir Donation Dispute Row: कौन हैं पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर? राम मंदिर ट्रस्ट के CEO पद के लिए किया पहला आवेदन

Ram Mandir Donation Dispute Row: राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के CEO पद के लिए पहला आवेदन पूर्व IPS अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने किया है। जानिए ट्रस्ट की पात्रता, चयन प्रक्रिया, 10 प्रमुख जिम्मेदारियां और अमिताभ ठाकुर का पूरा प्रोफाइल।
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राम मंदिर CEO को लेकर बड़ीी खबर। फोटो सोर्स-पत्रिका न्यूज

Ram Mandir Trust CEO Ayodhya:अयोध्यास्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पद के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू होते ही पहला आवेदन प्राप्त हो गया है। यह आवेदन उत्तर प्रदेश कैडर के पूर्व IPS अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने भेजा है। ट्रस्ट ने सोमवार को इस पद के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे, जबकि आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 18 जुलाई निर्धारित की गई है।

अमिताभ ठाकुर ने आवेदन भेजने के बाद कहा कि ट्रस्ट द्वारा जारी विज्ञापन में निर्धारित सभी पात्रताओं को वह पूरा करते हैं। उनके मुताबिक, प्रशासनिक अनुभव और अन्य आवश्यक योग्यताओं के आधार पर वह इस जिम्मेदारी के लिए खुद को उपयुक्त उम्मीदवार मानते हैं।

ट्रस्ट ने तय की कड़ी पात्रता

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने CEO पद के लिए विस्तृत पात्रता शर्तें जारी की हैं। आवेदन केवल ऐसे व्यक्ति कर सकते हैं जिनकी आयु 50 से 70 वर्ष के बीच हो और जिन्होंने किसी बड़े संस्थान, संगठन, विभाग या कंपनी में कम से कम 20 साल तक प्रबंधकीय जिम्मेदारी निभाई हो।

सामान्य प्रशासन, वित्त, लेखा, कार्मिक, जनसंपर्क, सूचना प्रौद्योगिकी (IT), सुरक्षा और विधिक मामलों जैसे क्षेत्रों का अनुभव रखने वाले उम्मीदवारों को पात्र माना जाएगा। न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता स्नातक रखी गई है, जबकि वेतन और अन्य सुविधाएं आपसी सहमति से तय होंगी।

हिंदू, वैष्णव और राम भक्त होना अनिवार्य

ट्रस्ट ने इस पद के लिए कुछ विशेष धार्मिक शर्तें भी निर्धारित की हैं। आवेदन करने वाले व्यक्ति का हिंदू, वैष्णव और भगवान श्रीराम का भक्त होना अनिवार्य होगा। इसके अलावा यदि किसी उम्मीदवार को मंदिर प्रबंधन का अनुभव है तो उसे प्राथमिकता दी जाएगी।

ट्रस्ट ने अपने आधिकारिक X अकाउंट पर आवेदन का प्रारूप और सेवा शर्तें भी सार्वजनिक कर दी हैं। चयनित CEO की नियुक्ति प्रारंभिक तौर पर 3 सालों के लिए होगी। कार्य संतोषजनक पाए जाने पर कार्यकाल बढ़ाया भी जा सकता है।

महासचिव के प्रति जवाबदेह होगा CEO

ट्रस्ट ने स्पष्ट किया है कि CEO सीधे ट्रस्ट के महासचिव के प्रति जवाबदेह होगा। संस्था के सभी प्रशासनिक, वैधानिक और वित्तीय कार्यों का संचालन उसी की जिम्मेदारी होगी। इसके अलावा महासचिव द्वारा समय-समय पर सौंपे गए अन्य दायित्वों का निर्वहन भी CEO को करना होगा।

CEO को संभालनी होंगी ये 10 बड़ी जिम्मेदारियां

-संस्था के स्वरूप और आवश्यकता के अनुसार कार्यप्रणाली विकसित करना।

-अधिकारियों, कर्मचारियों और सेवकों के शीर्ष कार्यकारी अधिकारी की भूमिका निभाना।

-मंदिर की मौजूदा व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने और विकास कार्यों की निगरानी करना।

-ट्रस्ट डीड और संबंधित नियमों के अनुरूप प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित करना।

-वित्तीय लेन-देन, लेखा व्यवस्था और सूचनाओं में पारदर्शिता तथा दक्षता विकसित करना।

-सुरक्षा व्यवस्था के लिए स्थानीय, राज्य और केंद्र सरकार की एजेंसियों से समन्वय बनाए रखना।

-धार्मिक अनुष्ठान, पूजा-पाठ, उत्सव और अन्य परंपराओं का नियमित संचालन सुनिश्चित करना।

-श्रद्धालुओं, विशिष्ट अतिथियों और संत-महात्माओं के लिए समुचित व्यवस्था करना।

-मंदिर की प्रतिष्ठा, सनातन परंपराओं के संरक्षण और ट्रस्ट की संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना।

-ट्रस्ट डीड के उद्देश्यों के अनुरूप योजनाएं बनाकर ट्रस्टी मंडल और महासचिव के निर्देशन में उनका क्रियान्वयन करना।

कौन हैं अमिताभ ठाकुर?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमिताभ ठाकुर उत्तर प्रदेश कैडर के 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी रहे हैं। यदि वह सेवा में बने रहते तो वर्ष 2028 में सेवानिवृत्त होते। हालांकि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 23 मार्च 2021 को विभिन्न विभागीय जांचों और शिकायतों का हवाला देते हुए उन्हें समय से पहले अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी थी। सरकार ने उस समय अपने आदेश में कहा था कि जनहित को देखते हुए उनका सेवा में बने रहना उचित नहीं माना गया। अब उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सीईओ पद के लिए सबसे पहला आवेदन प्रस्तुत किया है।

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