अयोध्या में विवादित ढांचा ढहाए जाने की 25वी बरसी पर दोनों समुदाय अपने-अपने ढंग से शौर्य दिवस व यौमे गम मना रहे हैं।
फैजाबाद. अयोध्या में विवादित ढांचा ढहाए जाने की 25वी बरसी पर दोनों समुदाय अपने-अपने ढंग से शौर्य दिवस व यौमे गम मना रहे हैं। 6 दिसंबर 1992 उत्तेजित कारसेवकों द्वारा बाबरी मस्जिद ढहाए जाने के बाद से मुस्लिम संगठन हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी काला दिन मना रहा है। मुस्लिम समुदाय के लोग अपना कारोबार बंद कर अपने गुस्से का इज़हार कर रहे हैं। बाबरी मस्जिद गिराए जाने से लगातार अबतक मुस्लिम संगठन यौमे गम कलंक दिवस के रूप में मनाता आ रहा है, जिसमे मस्जिदों पर काले झंडे लगाये गए हैं और मुस्लिम मस्जिदों में बैठकर गम का इज़हार कर रहे है। अयोध्या बेनी गंज के मस्जिद में इंडियन मुस्लिम समाज ने कुरआन ख्वानी कर बाबरी मस्जिद उसी स्थान पर दुबारा बनाए जाने की दुआ की। उनका कहना है कि जबतक सुप्रीम कोर्ट से फैसला नहीं आ जाता तब तक यौमे गम मनाया जायेगा। 6 दिसंबर 1992 को उन्मादी कारसेवकों द्वारा बाबरी मस्जिद ढहा दिया गया था, जिसके बाद से मुस्लिम समाज हर वर्ष 6 दिसंबर को काला दिवस मनाता आ रहा है। साथ ही आपको बताते चले कि बेनीगंज मलिकशाह मस्जिद में इसाले सबब करके आज बाबरी मस्जिद के पुनः निर्माण के सम्बन्ध में राष्ट्रपति को एक ख़त भेजा जायेगा जिसमे उनकी मांग है कि मस्जिद का पुनर्निर्माण हो।
विवादित ढांचे के ध्वंस की बरसी पर हर साल मुस्लिम समुदाय मनाता है काला दिवस, जताता है शोक
हर साल 6 दिसंबर की तारीख को परंपरागत रुप से आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम की कड़ी में बड़ी तादाद में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने शिरकत की और अयोध्या-फैजाबाद जुड़वा शहरों में विभिन्न मस्जिदों में इकट्ठा होकर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने विवादित ढांचे के ध्वंस पर अफसोस जाहिर किया। फैजाबाद शहर की अधिकांश मुस्लिम समुदाय की दुकानें बंद रही और हाथों पर काली पट्टी बांधकर लोगों ने अफसोस जताया।