मुस्लिम धर्मगुरु ने कहा मीर बाकी ने राम जन्मभूमि को बदलकर बाबरी मस्जिद बनाने की कोशिश की जिस की इजाजत न इस्लाम देता है न कुरान देती है और ना अल्लाह
अयोध्या : राम नगरी अयोध्या में भगवान श्री राम का भव्य मंदिर बने इसके लिए अयोध्या में हुए सवा करोड़ पार्थिव रुद्राभिषेक कार्यक्रम के बाद विशाल संत सम्मलेन का आयोजन किया गया . जिसकी अध्यक्षता मणिराम दास छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास महाराज ने की तथा विशिष्ट अतिथि में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ वरिष्ठ प्रचारक इन्द्रेश जी रहे संत सम्मलेन में मौजूद राष्ट्रीय स्वयंसेवक के वरिष्ठ सदस्य इन्द्रेश जी ने कहा कि इस्लाम में लिखा है मस्जिद का नाम खुदा के नाम पर होता है किसी इंसान के नाम पर नहीं होता है जो बाबरी बाबरी कह रहे हैं वह इस्लाम नहीं समझते हैं और वह कहीं ना कहीं भटके हुए लोग हैं . सुप्रीम कोर्ट में राम मंदिर मुकदमे को लेकर सुनवाई चल रही है सुप्रीम कोर्ट जिस दिन निर्देश देगा कि वह भूमि रामलला की है उस दिन राम मंदिर का भव्य निर्माण शुरू हो जाएगा . दिगंबर अखाड़ा महंत सुरेश दास ने कहा कि वह भूमि रामलला की है और उन्ही को मिलेगी बाक़ी सब बेकार की बाते हैं अब तो मुस्लिम भाई भी ये बात मान रहे हैं हम उनकी पहल का स्वागत करते हैं अयोध्या में जल्द ही भव्य राम मंदिर का निर्माण होगा . संत सम्मलेन में मौजूद अयोध्या के अन्य वरिष्ठ संतों ने भी जल्द से जल्द अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण की मांग की
मुस्लिम धर्मगुरु ने कहा मीर बाकी ने अयोध्या की पाक धरती पर राम जन्मभूमि को बदलकर बाबरी मस्जिद बनाने की कोशिश की जिस की इजाजत न इस्लाम देता है न कुरान देती है ना अल्लाह देता है
वही कार्यक्रम में मौजूद मुरादाबाद से आए मुस्लिम धर्मगुरु मोहम्मद कौकब मुस्तबा ने कहा कि कुछ सियासी लीडर जिनकी पहचान अपने मोहल्ले में नहीं होती है लेकिन जब वह राम जन्मभूमि के खिलाफ बोलते हैं तो उनकी एक पहचान बन जाती है ,ऐसे लोग देश की एकता के लिए खतरा है .इस्लाम में कहते हैं कि अगर नमाज से पहले वजू के लिए पानी भी लिया जाए तो वह इजाजत के साथ लिया जाए अगर बिना इजाजत के पानी लेकर वजू कर लिया जाए तो नबी कहते हैं कि वह नमाज मुकम्मल नहीं मानी जाती .1525 ईस्वी में बाबर ने भारत पर हमले करने शुरू किए 1527 ईस्वी में बाबर के नुमाइंदे मीर बाकी ने अयोध्या की पाक धरती पर यहां की राम जन्मभूमि को बदलकर बाबरी मस्जिद बनाने की कोशिश की जिस की इजाजत न इस्लाम देता है न कुरान देती है ना अल्लाह देता है . इसलिए कि जब दूसरे से बिना इजाज़त लिए पानी से वजू नहीं हो सकता तो दुसरे की मिल्कियत पर नमाज़ नहीं हो सकती अगर ऐसा करता है तो ना उसकी नमाज कबूल होगी ना उस का रोजा माना जाएगा वह धोखेबाज मुसलमान है .कार्यक्रम में मौजूद अन्य वक्ताओं में संघ के वरिष्ठ नेता महिरध्वज राष्ट्रीय मुस्लिम मंच के राष्ट्रीय संयोजक इस्लाम अब्बास ,मुरादाबाद से आये मौलाना मोहम्मद कौकब मुस्तबा सहित अयोध्या के वरिष्ठ संत शामिल रहे .