NSG Commando in Ayodhya: रामलला की सुरक्षा को लेकर अयोध्या में एनएसजी कमांडो तैनात किए जाने हैं. इसको लेकर एनएसजी की टीम लगातार अपने कौशल कला का प्रदर्शन पिछले 3 दिन से कर रही है. राम जन्म भूमि परिसर में कल नेशनल सुरक्षा गार्ड (एनएसजी कमांडो) ने आपातकालीन स्थिति में सुरक्षा उपलब्ध कराते हुए आतंकी गतिविधियों से कैसे निपटा जाता है इसको लेकर अपने कौशल का प्रदर्शन किया। इसके बाद देर रात एक बार फिर एनएसजी कमांडो जब अयोध्या की सड़कों पर उतरे तो अयोध्यावासी भी आश्चर्यचकित हो गए।
NSG Commando in Ayodhya: शुक्रवार रात अयोध्या में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) के कमांडो ने मॉक ड्रिल की। NSG टीम ATS, STF, PAC, पुलिस, सेना की टुकड़ी के साथ सड़क पर उतरी। बख्तरबंद गाड़ियों के काफिले के साथ NSG रामपथ से निकली। टेढ़ी बाजार में थोड़ी देर रुकने के बाद कमांडो आगे बढ़े।राम जन्मभूमि परिसर के गेट नंबर 11 से जवान श्रीराम जन्मभूमि परिसर में दाखिल हुए। काफिले में पुलिस के अलावा प्रशासन के अधिकारी, एंबुलेंस और आपात व्यवस्था से जुड़े अन्य वाहन भी शामिल रहे। रूट खाली कराने के लिए आगे ट्रैफिक पुलिस चल रही थी। जवानों ने इमरजेंसी में सुरक्षा संभालने या आतंकियों से निपटने का रिहर्सल भी किया।
NSG के जवान 17 जुलाई को यहां पहुंचे थे। दो दिन की गोपनीय बैठक और सादी वर्दी में प्रमुख जगहों की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। तीसरे दिन यानी शुक्रवार रात पूरी मुस्तैदी से सुरक्षा में उतरे। मॉक ड्रिल करते हुए NSG कमांडो हनुमानगढ़ी पहुंचे। इसके बाद दशरथ महल होते हुए भक्ति पथ चले गए। मॉक ड्रिल रात करीब 10 बजे शुरू होकर 11 बजे तक चली।मंदिर पर आतंकी हमले को लेकर धमकियां मिलती रही हैं। ऐसे में मंदिर की सुरक्षा को देखते हुए सरकार ने अयोध्या में NSG की यूनिट शुरू करने का फैसला लिया है। यह यूनिट अयोध्या में ही रखकर मंदिर की सुरक्षा संभालेंगी।
अयोध्या की सुरक्षा को पूरी तरह दुरुस्त करने के लिए यहां NSG का हब बनाने की तैयारी है। सुरक्षा संबंधी सूचनाओं के बेहतर समन्वय के लिए श्रीराम जन्मभूमि परिसर में 11 करोड़ की लागत से इंट्रीग्रेटेड कंट्रोल सेंटर बनाया जा रहा है। इस भवन में पुलिस, CRPF, SSF और खुफिया संगठनों के बैठने की व्यवस्था होगी।
दरअसल, 22 जुलाई से अयोध्या में सावन में लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ होगी। सात अगस्त से मणिपर्वत झूला मेले के साथ अयोध्या का 12 दिवसीय सावन झूला मेला शुरू होगा। एक हजार मंदिरों में होने वाले उत्सव में लाखों भक्त रोज आएंगे। राम मंदिर के पास स्थित रंगमहल सहित कुछ मंदिरों में 22 जुलाई से एक माह तक झूला उत्सव होता है।सावन में लाखों कांवड़ भक्त सरयू का स्नान कर नागेश्वरनाथ भगवान का जल से अभिषेक करते हैं। इन त्योहारों से पहले और पिछले दिनों राम मंदिर को उड़ाने की धमकियों को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हैं।