
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद ने मामले पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मंदिर में आने वाला दान किसी व्यक्ति या संस्था का नहीं, बल्कि भगवान का होता है। ऐसे में यदि दान राशि के प्रबंधन को लेकर सवाल उठ रहे हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि धार्मिक संस्थानों में आने वाले चढ़ावे और दान को लेकर पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। श्रद्धालु अपनी आस्था के साथ दान देते हैं और उस विश्वास को किसी भी कीमत पर ठेस नहीं पहुंचनी चाहिए।
कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने आगे कहा कि राम मंदिर जिसने बनाया है वो जवाब दे ना...कोई इसलिए आस्था रखता है कि उसका संबंध सनातन धर्म से है, कोई इसलिए आस्था रखता है कि उसके साथी उसके दोस्त का,उसके साथी का, उसके सहयोगी का भगवान से संबंध है। लेकिन ये तो बताए, जो अपना अधिकार मानता है राम मंदिर पर और जो राम मंदिर की बात हर जगह करता है, वो जवाब दे कि वहां राम की आस्था के साथ साथ ये कैसे हो रहा है, कि राम की आस्था के साथ साथ पैसे की भी आस्था है..."
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मामले में सामने आ रहे आरोपों और जांच संबंधी रिपोर्टों को देखते हुए किसी स्वतंत्र एजेंसी या निष्पक्ष जांच तंत्र से पूरे प्रकरण की जांच कराई जानी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और जनता का भरोसा बना रहे।
वहीं, इस मुद्दे पर सत्तारूढ़ दल और राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से अभी तक जो भी स्पष्टीकरण दिए गए हैं, उन पर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। राजनीतिक गलियारों में यह मामला अब आस्था, जवाबदेही और पारदर्शिता के मुद्दे के रूप में चर्चा का केंद्र बन गया है।
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