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श्रीराम मंदिर अयोध्या दान पात्र में चोरी: एसआईटी ने इन क्षेत्रों में पकड़ी खामियां

Shri Ram Temple Ayodhya Controversy अयोध्या में श्रद्धालुओं की तरफ से चढ़ाए गए सामग्रियों और नगदी में बड़े पैमाने पर सेंधमारी की गई है। जिसकी जांच के लिए एसआईटी गठन किया गया था।‌ जिसने अपनी जांच रिपोर्ट शासन को दे दी है। जिसमें बड़ी खामियां निकल कर सामने आई है। ‌

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श्री राम मंदिर दानपात्र विवाद, फोटो सोर्स- X Shri Ram Mandir Ayodhya

फोटो सोर्स- X Shri Ram Mandir Ayodhya

Shri Ram Temple Ayodhya donation box theft: अयोध्या राम मंदिर दान पात्र में चोरी की जांच के लिए बैठाई गई एसआईटी ने अपनी जांच रिपोर्ट शासन को सौंप दी है। जिसमें बड़ी खामियां निकाल कर सामने आई है। इसके पहले करीब 100 लोगों से पूछताछ की गई थी। जिसमें प्रमुख मुद्दा दानपात्र और मंदिर की व्यवस्था से जुड़ा था। एसआईटी की जांच में निकलकर सामने आया कि मंदिर के चारों तरफ 35 दानपात्र लगाए गए थे। जिनको लोहे के कंटेनर में काउंटिंग रूम तक ले जाया जाता था। ड्रेस कोड, नोट गिनने वाले कर्मचारियों की चेकिंग, सीसीटीवी फुटेज, कर्मचारियों की भर्ती आदि में भी बड़ी लापरवाही निकलकर सामने आई है। सोने चांदी के चढ़ावे में भी हेरफेर किया गया है। इस मामले में एसआईटी ने सुझाव भी दिए हैं। ‌

जांच के लिए गठित की गई थी एसआईटी

उत्तर प्रदेश के अयोध्या में भव्य श्री राम मंदिर के दर्शन के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। आस्था का जनसैलाब श्री राम मंदिर के खजाने को भी भर रहा है। दानपात्र में करोड़ों रुपए का चढ़ावा आता है। बीते दिनों अखिलेश यादव ने दानपात्र में चोरी का गंभीर आरोप लगाया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विवाद के बाद तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया जिसने पूरे मामले की जांच की।

100 से अधिक लोगों से पूछताछ की गई

लखनऊ से आई 3 सदस्यीय एसआईटी ने 100 सबसे ज्यादा लोगों से पूछताछ की। सीसीटीवी फुटेज को भी खंगाला।‌ पूछताछ के दौरान जानकारी हुई कि दानपात्रों को कंटेनर से काउंटिंग रूम तक ले जाया जाता था। जहां एसबीआई की तरफ से हायर किए गए प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसी कार्य करती थी। जिनका चयन श्री राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े लोगों की सिफारिश पर किया जाता था।

आने जाने में नहीं होती थी तलाशी

ड्यूटी शुरू होने और खत्म होने के समय कर्मचारियों की तलाशी नहीं ली जाती थी। इन कर्मचारियों के लिए कोई ड्रेस कोड भी लागू नहीं किया गया था। जिसके कारण कर्मचारी अपने कपड़े पहन कर आते थे। एसआईटी को दानपात्र की निगरानी और काउंटिंग से लेकर बैंक तक जाने में कई खामियां मिली।

एसआईटी ने सुझाव भी दिया

चढ़ावे में सोना चांदी के जेवर बड़ी संख्या में आता था। लेकिन इसका कोई रिकॉर्ड नहीं रखा गया। जो रिकॉर्ड मिला उसमें भी गड़बड़ी पाई गई। इस संबंध में एसआईटी ने शासन को सुझाव भी दिए हैं। जिसमें गिनती के लिए रेगुलर बैंक स्टाफ की सिफारिश भी शामिल है। इसके साथ ही पारदर्शी भर्ती, सीसीटीवी स्टोरेज को बेहतर करना, नियमित रूप से ऑडिट, प्रोफेशनल और सरकारी निगरानी शामिल है। अभी इस बात की जानकारी नहीं हो पाई है कि कितने रुपए का नुकसान हुआ है? जांच अभी जारी है।