राम मंदिर निर्माण (Ram Mandir Nirman) के लिए लोग दिल खोलकर दान दे रहे हैं। इसी कड़ी में दान के रूप में इतनी चांदी आ चुकी है कि ट्रस्ट के पास उसको रखने की जगह तक नहीं है।
पत्रिका न्यूज नेटवर्क.
अयोध्या. राम मंदिर निर्माण (Ram Mandir Nirman) के लिए लोग दिल खोलकर दान (donation) दे रहे हैं। इसी कड़ी में दान के रूप में इतनी चांदी (Silver bricks) आ चुकी है कि ट्रस्ट के पास उसको रखने की जगह तक नहीं है। राम भक्त अब तक 400 किलो चांदी दान में दे चुके हैं। ट्रस्ट ने यह देख अपील की है कि राम मंदिर निर्माण के लिए धातु दान में न दें। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डॉ अनिल मिश्रा ने बताया कि राम मंदिर निर्माण के लिए हमने चांदी लेना बंद कर दिया था क्योंकि हमारे यहां इसे रखने की जगह नहीं है। आगे चांदी हम स्वीकार करके कहां रखेंगे, इस पर हमें सोचना पड़ेगा। लेकिन अभी लोगों से निवेदन हैं कि धातु के रूप में दान पर ध्यान ना दें। हमपर उसको रखने का खर्चा भी बढ़ेगा।
यूपी अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष ने चांदी की शिला भेंट की-
राम मंदिर निर्माण के लिए चल रहे निधि समर्पण अभियान में अब तक 1500 करोड़ रुपए आ चुके हैं, लेकिन लोग सोना-चांदी भी दान कर रहे हैं। रविवार को भी उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष लालजी प्रसाद निर्मल अपने समर्थकों के साथ अयोध्या पहुंचे। उन्होंने कारसेवक पुरम में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डॉ अनिल मिश्रा को एक चांदी की शिला भेंट की है। अनिल मिश्रा ने कहा कि प्रतीक स्वरूप चांदी की एक ईट भगवान के लिए प्रस्तुत की है। हम उसको स्वीकार करते हैं। उन्होंने निधि समर्पण अभियान पिछले 15 जनवरी (मकर संक्रांति) से शुरू हुआ था। इस अभियान में लोग सभी सीमाओं को पार करके भगवान राम के भव्य मंदिर निर्माण के लिए खुले मन से अपना सहयोग दे रहे हैं।
मार्च से भरी जाएगी राम मंदिर नींव, खुदाई का कार्य तेज-
राम मंदिर निर्माण का कार्य जारी है। मार्च से नींव भरे जाने का कार्य भी शुरू हो जाएगा। फरवरी के आखिर में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सभी सदस्य व निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र आर्किटेक्ट द्वारा तैयार की गई नींव की डिजाइन के साथ नींव भरे जाने के कार्यों की समीक्षा करेंगे।
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट सदस्य डॉ अनिल मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि रामलला परिसर में नींव की खुदाई का कार्य प्रगति पर है। लगभग 7 से 9 मीटर की खुदाई पूरी हो चुकी है। समयसीमा (70 दिनों) में नींव की खुदाई का काम पूरा हो जाएगा। इसी माह के आखिर में इनसे जुड़े सभी कार्यों की समीक्षा होगी। नींव की खुदाई का काम पूरा होते ही मार्च के अंत में फिलिंग का काम भी शुरू हो जाएगा।