आजमगढ़ रीजन के अंतर्गत कुल सात डिपो—मऊ, बलिया, शाहगंज, बेल्थरा, दोहरीघाट, आजमगढ़ और डॉ. अंबेडकर नगर संचालित हो रहे हैं। इनमें से आजमगढ़ डिपो से 87 निगमित एवं 31 अनुबंधित बसें जबकि डॉ. अंबेडकर नगर डिपो से 87 निगमित एवं 19 अनुबंधित बसों का संचालन हो रहा है।
आजमगढ़। रोडवेज बसों में अब महिला परिचालक भी यात्रियों को टिकट बनाते हुए नजर आएंगी। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम ने महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक सराहनीय कदम उठाते हुए महिला कंडक्टरों की नियुक्ति शुरू कर दी है। इसी क्रम में आजमगढ़ डिपो को 57 और डॉ. अंबेडकर नगर डिपो को 53 महिला परिचालक प्राप्त हुई हैं। बहुत जल्द ये महिलाएं डिपो में अपना कार्यभार संभालेंगी।
आजमगढ़ रीजन के अंतर्गत कुल सात डिपो—मऊ, बलिया, शाहगंज, बेल्थरा, दोहरीघाट, आजमगढ़ और डॉ. अंबेडकर नगर संचालित हो रहे हैं। इनमें से आजमगढ़ डिपो से 87 निगमित एवं 31 अनुबंधित बसें जबकि डॉ. अंबेडकर नगर डिपो से 87 निगमित एवं 19 अनुबंधित बसों का संचालन हो रहा है।
बीते दिनों परिवहन विभाग को नई बसें प्राप्त होने के बावजूद चालक-परिचालकों की भारी कमी के चलते संचालन में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। रिक्त पदों को भरने के लिए विभाग द्वारा भर्ती प्रक्रिया चलाई गई, हालांकि चालक पदों पर अपेक्षित आवेदन नहीं मिले। इसके विपरीत महिला परिचालकों की भर्ती प्रक्रिया सफल रही, जिससे डिपो को बड़ी राहत मिली है।
परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक (आरएम) मनोज कुमार वाजपेयी ने जानकारी देते हुए बताया कि महिला परिचालकों की नियुक्ति से डिपो में परिचालकों की कमी काफी हद तक दूर होगी। उन्होंने कहा कि बहुत जल्द जिले की रोडवेज बसों में महिला कंडक्टर सक्रिय रूप से यात्रियों को सेवा देती दिखाई देंगी। यह न केवल विभागीय व्यवस्था को सुदृढ़ करेगा, बल्कि महिलाओं को रोजगार व समाज में नई पहचान भी प्रदान करेगा।
महिला सशक्तीकरण की दिशा में यह पहल यात्रियों के बीच एक सकारात्मक संदेश देने के साथ ही महिलाओं के लिए प्रेरणा स्रोत भी बन रही है।