Azamgarh News: आजमगढ़ जिले में गोवध निवारण अधिनियम से जुड़े एक मामले में वांछित अभियुक्त को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देश पर और पुलिस अधिकारियों के पर्यवेक्षण में की गई। पुलिस के अनुसार, 17 मार्च 2026 को बिलरियागंज थाना क्षेत्र के ग्राम इमलीपुर […]
Azamgarh News: आजमगढ़ जिले में गोवध निवारण अधिनियम से जुड़े एक मामले में वांछित अभियुक्त को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देश पर और पुलिस अधिकारियों के पर्यवेक्षण में की गई।
पुलिस के अनुसार, 17 मार्च 2026 को बिलरियागंज थाना क्षेत्र के ग्राम इमलीपुर में एक खेत में प्रतिबंधित पशु के अवशेष मिलने की सूचना मिली थी। इस मामले में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान सलमान, तबरेज, सरफराज और मेराज नाम के लोगों की संलिप्तता सामने आई।
शनिवार देर रात पुलिस टीम क्षेत्र में चेकिंग और वांछित अभियुक्तों की तलाश कर रही थी। इसी दौरान सूचना मिली कि अभियुक्त तबरेज जलालुद्दीन पट्टी मार्ग से छिछोरी की ओर आ रहा है। पुलिस ने मौके पर घेराबंदी कर उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन उसने पुलिस पर फायरिंग कर दी और भागने लगा।
पुलिस ने पहले उसे आत्मसमर्पण के लिए चेतावनी दी, लेकिन फायरिंग जारी रहने पर जवाबी कार्रवाई की गई। इस दौरान अभियुक्त के पैर में गोली लग गई और वह घायल हो गया। पुलिस ने उसे रात करीब 1:15 बजे मौके पर ही पकड़ लिया और इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिलरियागंज भेज दिया।
पूछताछ में अभियुक्त ने बताया कि वह अपने साथियों के साथ मिलकर गोवध की घटनाओं को अंजाम देता था। 16-17 मार्च की रात उन्होंने इमलीपुर में एक पशु का वध किया था और पहचान छिपाने के लिए अवशेष वहीं छोड़ दिए थे। घटना के बाद सभी आरोपी अलग-अलग भाग गए थे और लगातार ठिकाने बदल रहे थे।
पुलिस ने अभियुक्त के पास से एक अवैध तमंचा, एक जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस बरामद किया है। उसके खिलाफ गोवध निवारण अधिनियम और आर्म्स एक्ट समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज है। पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है।
इस कार्रवाई में थानाध्यक्ष सुनील कुमार दूबे समेत पुलिस टीम के अन्य सदस्यों की अहम भूमिका रही।