
Azamgarh News: आजमगढ़ जिले के फूलपुर थाना क्षेत्र के खतौली गांव में एक युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला फिर से चर्चा में आ गया है। इस घटना की दोबारा जांच कराने का निर्णय लिया गया है। जानकारी के अनुसार युवती 15 मार्च को अचानक लापता हो गई थी, जिसके बाद परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिल सका। दो दिन बाद, 17 मार्च को पुलिस ने युवती का शव बरामद किया और नियमानुसार पोस्टमार्टम कराकर अंतिम संस्कार करा दिया गया।
हालांकि, युवती की मौत को लेकर शुरू से ही परिजन संतुष्ट नहीं थे। उनका आरोप है कि पोस्टमार्टम प्रक्रिया में कई महत्वपूर्ण पहलुओं को नजरअंदाज किया गया और जांच पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से नहीं की गई। परिजनों का कहना है कि उन्हें युवती की मौत संदिग्ध लग रही है और सच्चाई सामने लाने के लिए दोबारा पोस्टमार्टम बेहद जरूरी है। इस मांग को लेकर परिवार के लोग लगातार प्रशासन से गुहार लगा रहे थे।
परिजनों के लगातार विरोध और दबाव को देखते हुए प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है। अब घटना के लगभग 10 दिन बाद शव को कब्र से बाहर निकालकर दोबारा पोस्टमार्टम कराने का निर्णय लिया गया है। इस प्रक्रिया के जरिए मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट रूप से पता लगाने की कोशिश की जाएगी, ताकि किसी भी तरह की आशंका को दूर किया जा सके।
प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से जांच कराई जाएगी। यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही या दोष सामने आता है, तो संबंधित अधिकारियों या कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद गांव में माहौल संवेदनशील बना हुआ है और स्थानीय लोग भी मामले में जल्द न्याय की मांग कर रहे हैं।
आजमगढ़ जिले के फूलपुर थाना क्षेत्र के खतौली गांव में एक युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला फिर से चर्चा में आ गया है। इस घटना की दोबारा जांच कराने का निर्णय लिया गया है। जानकारी के अनुसार युवती 15 मार्च को अचानक लापता हो गई थी, जिसके बाद परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिल सका। दो दिन बाद, 17 मार्च को पुलिस ने युवती का शव बरामद किया और नियमानुसार पोस्टमार्टम कराकर अंतिम संस्कार करा दिया गया।
हालांकि, युवती की मौत को लेकर शुरू से ही परिजन संतुष्ट नहीं थे। उनका आरोप है कि पोस्टमार्टम प्रक्रिया में कई महत्वपूर्ण पहलुओं को नजरअंदाज किया गया और जांच पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से नहीं की गई। परिजनों का कहना है कि उन्हें युवती की मौत संदिग्ध लग रही है और सच्चाई सामने लाने के लिए दोबारा पोस्टमार्टम बेहद जरूरी है। इस मांग को लेकर परिवार के लोग लगातार प्रशासन से गुहार लगा रहे थे।
परिजनों के लगातार विरोध और दबाव को देखते हुए प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है। अब घटना के लगभग 10 दिन बाद शव को कब्र से बाहर निकालकर दोबारा पोस्टमार्टम कराने का निर्णय लिया गया है। इस प्रक्रिया के जरिए मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट रूप से पता लगाने की कोशिश की जाएगी, ताकि किसी भी तरह की आशंका को दूर किया जा सके।
प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से जांच कराई जाएगी। यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही या दोष सामने आता है, तो संबंधित अधिकारियों या कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद गांव में माहौल संवेदनशील बना हुआ है और स्थानीय लोग भी मामले में जल्द न्याय की मांग कर रहे हैं।
Published on:
26 Mar 2026 09:44 pm
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