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Azamgarh News: खंड विकास अधिकारी को जिलाधिकारी ने दी प्रतिकूल प्रविष्टि, रोका वेतन

जिलाधिकारी रवींद्र कुमार ने कलेक्ट्रेट सभागार में जनसुनवाई पोर्टल (आईजीआरएस) पर प्राप्त विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने विभागवार लंबित और निस्तारित शिकायतों की प्रगति की गहन समीक्षा की तथा अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। समीक्षा में पाया गया […]

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Feb 20, 2026
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जिलाधिकारी रवींद्र कुमार ने कलेक्ट्रेट सभागार में जनसुनवाई पोर्टल (आईजीआरएस) पर प्राप्त विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने विभागवार लंबित और निस्तारित शिकायतों की प्रगति की गहन समीक्षा की तथा अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।


समीक्षा में पाया गया कि आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण के बाद शत-प्रतिशत असंतुष्ट फीडबैक दर्ज किया गया है। साथ ही मंडलायुक्त स्तर से संबंधित प्रकरण में ‘सी’ श्रेणी प्रदान की गई है, जिस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जनशिकायतों के समाधान में लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी और शिकायतकर्ताओं की संतुष्टि सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।


जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारी तरवां से स्पष्टीकरण तलब करते हुए उनके वेतन रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कार्यप्रणाली में सुधार नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध और कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया कि शिकायतों का निस्तारण तथ्यों के आधार पर पारदर्शी तरीके से किया जाए तथा केवल औपचारिकता पूर्ण कर निस्तारण दर्ज न किया जाए।
बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि लंबित शिकायतों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और शिकायतकर्ता से व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर समाधान की पुष्टि की जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जनसुनवाई व्यवस्था को प्रभावी बनाना सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी है। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

Published on:
20 Feb 2026 12:16 pm
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