माफिया अखंड प्रताप सिंह को अदालत ने दोषी ठहराया है। कोर्ट ने उसे 3 साल की जेल और 5,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
Crime News: आजमगढ़ जिले में पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन कनविक्शन अभियान के तहत एक बड़ी कार्रवाई में माफिया अखंड प्रताप सिंह को अदालत ने दोषी ठहराया है। कोर्ट ने उसे 3 साल की जेल और 5,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
यह मामला आजमगढ़ के तरवां थाने में साल 2019 में दर्ज हुआ था। पुलिस के मुताबिक, अखंड प्रताप सिंह के खिलाफ आरोप था कि उसने अदालत के आदेश के बाद भी कोर्ट में हाजिरी नहीं लगाई। उस समय उसके खिलाफ धारा 82 (सीआरपीसी) का आदेश जारी हुआ था, लेकिन वह पेश नहीं हुआ। इस मामले की शिकायत 19 सितंबर 2019 को सब-इंस्पेक्टर नवल किशोर सिंह ने थाने में लिखित रूप से दी थी। इसके बाद थाने में केस नंबर 113/2019 दर्ज किया गया, जिसमें धारा 174A और 229A (IPC) लगाई गई थी।
पुलिस ने मामले की जांच पूरी कर चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। सुनवाई के दौरान 11 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। सभी पक्षों को सुनने और सबूतों के आधार पर 7 जनवरी 2026 को फास्ट ट्रैक कोर्ट (एसडी), आजमगढ़ ने फैसला सुनाया।
कोर्ट ने अखंड प्रताप सिंह को दोषी मानते हुए जेल भेजने का आदेश दिया और जुर्माना भी लगाया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि यह फैसला अपराध पर लगाम लगाने और कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम कदम है।