आजमगढ़

Azamgarh News: मदरसे में बड़ा फर्जीवाड़ा, विदेशी नागरिकता के बावजूद लेते रहे सैलरी, 4 अधिकारी निलंबित

आजमगढ़ के एक मदरसा शिक्षक शमशुल हुदा खान ने ब्रिटेन की नागरिकता लेने के बाद भी कई साल तक यह बात छिपाकर सरकारी नौकरी का वेतन और तमाम सुविधाएँ लेते रहे। उन्होंने 19 दिसंबर 2013 को ब्रिटेन की नागरिकता ले ली थी,

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Nov 23, 2025
Azamgarh news,Pic- Patrika

Azamgarh News: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने एक बड़े फर्जीवाड़े पर कड़ी कार्रवाई की है। आजमगढ़ के एक मदरसा शिक्षक शमशुल हुदा खान ने ब्रिटेन की नागरिकता लेने के बाद भी कई साल तक यह बात छिपाकर सरकारी नौकरी का वेतन और तमाम सुविधाएँ लेते रहे। उन्होंने 19 दिसंबर 2013 को ब्रिटेन की नागरिकता ले ली थी, लेकिन इसके बाद भी 31 जुलाई 2017 तक मदरसे से वेतन लेते रहे। इस दौरान उन्हें चिकित्सा अवकाश, वीआरएस, जीपीएफ और पेंशन जैसे सभी सरकारी लाभ भी मिलते रहे।

जांच में यह भी सामने आया कि नौकरी करते समय उन्होंने ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, सिंगापुर, श्रीलंका और खाड़ी देशों की यात्राएँ कीं, साथ ही पाकिस्तान भी दो-तीन बार गए।

अधिकारियों पर कार्रवाई

जांच में पता चला कि यह सब मदरसा प्रबंधन और विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से हुआ। इसलिए दोषी पाए गए अधिकारियों को तुरंत निलंबित कर दिया गया है:

शेष नाथ पांडेय — तत्कालीन संयुक्त निदेशक, आजमगढ़

निक्ष सिंह — तत्कालीन जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी (डीएमओ), आजमगढ़

लालमन — तत्कालीन स्टाफ, वर्तमान में बरेली डीएमओ

प्रभात कुमार — तत्कालीन स्टाफ, वर्तमान में अमेठी डीएमओ

निलंबन के दौरान शेष नाथ पांडेय को आयुक्त कार्यालय झांसी, जबकि अन्य तीनों अधिकारियों को अल्पसंख्यक कल्याण निदेशालय, लखनऊ से संबद्ध किया गया है।

विभाग ने शमशुल हुदा खान से 16.59 लाख रुपये की रिकवरी पहले ही आदेशित कर दी है। इस मामले की जांच एटीएस और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग—दोनों ने की थी।

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