निषाद समाज की तुलना गधे और कुत्ते से कर फंसे योगी सरकार केकैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने ममाला तूल पकड़ने के बाद माफी मांग ली है। उन्होंने कहा जुबान है कभी-कभी फिसल जाती है। मेरे बयान को गलत ढंग से पेश किया गया है।
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
आजमगढ़. बलिया जिले में कार्यकर्ताओं को लेकर दिए गए आपत्तिजनक बयान को लेकर कैबिनेट मंत्री संजय निषाद बुरे फंस गए हैं। वे बलिया में निषाद समाज के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्हें कुत्तों और गधों से सीख लेने की सलाह दे रहे थे। वीडियो वायरल होने व विपक्ष द्वारा भाषा पर सवाल उठाने के बाद उन्होंने माफी मांग ली है। साथ ही दावा किया कि उनके बयान को गलत ढंग से पेश किया गया है।
मंत्री बोले गलत ढंग से पेश किया गया बयान
बयान पर बवाल मचने के बाद गोरखपुर में संजय निषाद ने कहा कि मेरे शब्दों को गलत तरीके से बताया गया। मैंने कहा था कि जानवर भी अपनी रक्षा के लिए खड़े होते हैं। आप सालों तक कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और बसपा को वोट देते रहे। मैंने उन्हें उदाहरण देकर समझाने की कोशिश की।
वह शब्द मेरे मुंह से गलती से निकल गया था। कभी-कभी जीभ फिसल जाती है। मैं अपने शब्द वापस लेता हूं। किसी को बुरा लगा तो मैं माफी चाहता हूं। साथ ही कहा कि मेरे बयान का समर्थन करने के लिए मैं अपने समाज का आभार जताता हूं। हमारे अंदर निषाद गुहाराज महाराज का खून है। पिछली सरकारों ने इस खून को सुला दिया था।
बलिया में वायरल हुआ था वीडियो
बलिया में काार्यक्रम के दौरान संजय निषाद द्वार दिए गए बयान का एक वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो में संजय निषाद कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्हें कुत्तों और गधों से सीख लेने की सलाह दे रहे थे।
आखिर क्या कहा था संजय निषाद ने
संजय निषाद ने बलिया में कहा था कि मैं यहां बलिया की जनता के गुस्से का सामना करने आया हूं। बलिया के लोगों को जब गुस्सा आता है तो वे देश में बदलाव लाते हैं। जब बलिया के लोगों को गुस्सा आया तो उन्होंने ब्रिटिश हुकूमत को देश से उखाड़कर फेंक दिया। आपने अपने बच्चों के लिए क्या किया? जब कोई कुत्ते के बच्चे को छेड़ता है तो उसकी मां उसे काटकर मांस नोंच लेती है।
कुत्ते भी अपने बच्चों से प्यार करते हैं। अगर आप पुलिस थाने जाते हैं तो वहां आपको कभी अपने समाज का कांस्टेबल नहीं मिलेगा। यहां तक कि बीडीओ कार्यालय में चपरासी भी नहीं मिलेगा। डीएम कार्यालय में आपके समाज का क्लर्क नहीं मिलेगा। आप किसी भी विभाग में जाएंगे तो आप खुद को जीरो पाएंगे।
गधे से भी की थी तुलना
मंत्री ने कहा था कि सबसे मूर्ख समझे जाने वाले जीव गधे भी अपने पीछे खड़े व्यक्ति को अपना दुश्मन समझते हैं और लात मार देते हैं। आप भी पिछले 70 सालों से उसी दुश्मन को चुन रहे हैं। आपको खुद को समझना होगा कि आप क्या बनना चाहते हैं।