वाराणसी में छह महीने पहले मर चुके डॉक्टर की क्लीनिक आज भी चालू है। यहां इसांनी जिंदगी के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। राज से पर्दा उठने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है।
वाराणसी जिले में अजीबो गरीब मामला सामने आया है। यहां एक चिकित्सक की छह महीने पहले मौत हो गई थी। इसके बाद भी उसकी क्लीनिक बंद नहीं हुई। यहां मरीज भी भर्ती होते रहे और उपचार भी चलता रहा। हाल ही में एक मरीज के साथ कुछ ऐसा हुआ कि राज से पर्दा हट गया। अब विभाग कार्रवाई में जुटा है।
वाराणसी के छित्तूपुर है क्लीनिक
वाराणसी जिले के लंका थाना क्षेत्र के छित्तूपुर में एसएमएस हेल्थ केयर नाम से अस्पताल संचालित था। यह अस्पताल डॉ. एसपी सिंह संचालित करते थे। डॉक्टर के यहां मरीजों की भारी भीड़ लगती थी। छह माह पहले डॉक्टर का निधन हो गया। यह बात किसी को पता नहीं चली।
अस्पताल के बोर्ड पर अब भी डॉ. एसपी सिंह का नाम
पिछले दिनों नत्थूलाल नाम के आदमी को दस्त होने लगी। उनकी पत्नी दासमती देवी ने पति को एसएमएस हेल्थ केयर अस्पताल में भर्ती कर दिया। वहां उनका उपचार हुआ लेकिन उनकी हालत और बिगड़ गई। इसके बाद डाक्टर ने हायर सेंटर ले जाने की सलाह दी।
बीएचयू में भर्ती कराए गए नत्थूलाल
परिवार के लोगों ने नत्थूलाल को बीएचयू में भर्ती कराया। वहां जांच में पता चला कि उन्हें किडनी की बीमारी है। इसके बाद नत्थूलाल की डायलिसिस शुरू हुई। अब भी उनका उपचार वहीं चल रहा है।
दासमती ने सीएमओ से की शिकायत
नत्थूलाल की पत्नी को कहीं से पता चला कि उपचार करने वाला डॉक्टर नहीं था। इसके बाद उन्होंने सीएमओ कार्यालय पहुंचकर शिकायत की। इसके बाद सीएमओ ने आस्पताल की जांच का निर्देश दिया। स्वास्थ्य टीम एससएमएस हेल्थ केयर अस्पताल पहुंची तो वहां बोर्ड पर डॉ. एसपी सिंह का नाम दर्ज था। पूछताछ में पता चला कि डॉक्टर की छह महीने पहले मौत हो चुकी है।
बिना पंजीकरण के संचालित था अस्पताल
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गहनता से जांच की तो पता चला अस्पताल का पंजीकरण भी नहीं है। टीम को मौके पर दो मरीज भर्ती भी मिले। इसके बाद सीएमओ डॉ. संदीप चौधरी के निर्देश पर लंका थाने में अस्पताल संचालक के खिलाफ तहरीर दी गई है। वहीं मरीजों को दूसरे अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया है।