कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने यह बाते शराबबंदी व आरक्षण के विभाजन पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए कही
आजमगढ़. शिक्षा शेरनी के दूध के समान है जो शिक्षा ग्रहण कर लिया वह शेर की तरह दहाड़ेगा तथा जो अशिक्षित रह गया वह सियार की तरह दुम दबाकर पीछे बैठा रहेगा। उक्त बाते विधानसभा क्षेत्र लालगंज के खनियरा गांव में प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने शिक्षा, शराबबंदी व आरक्षण के विभाजन पर एक जनसभा को संबोधित करने के दौरान कही।
कहाकि विद्यालय चलो अभियान में जब तक सभी कक्षाओ में अध्यापक पूर्ण हो तथा बीटीसी बीएड ट्रेंड बेरोजगारो को 5 हजार रुपया प्रति महीना संविदा पर 11 माह तक के लिए रखा जाय। कार्यसंतोष जनक होने पर अगले सत्र के लिए 10 हजार रूपया प्रतिमाह संविदा पर रखा जाए। छात्रों को इंटर तक व छात्राओं को स्नातक की शिक्षा मुफ्त दिलाने की लडाई कर रहा हूं। वहीं पर शराब बंदी पर महिलाओं को आगे आकर भागीदारी करने की बात कही तथा 31 मई को आजमगढ़ के मेहता पार्क में शराबबंदी के विरोध में की जायेगी। जिसमें जिले की महिलाओं को आंदोलन में सम्मिलित होने का आवाहन किया गया। श्री राजभर ने आरक्षण को तीन भागों में विभाजित करने पर जोर दिया। पिछड़ा, अतिपिछड़ा व सर्वाधिक पिछड़ा वहीं पर अनुसूचित जनजाति को दलित, अति दलित, महादलित के रूप में विभाजित करने की बात कही। जिस की लड़ाई हम जारी रखेगे।