सरकारी अस्पताल में मरीजों को दवा नहीं मिल रही है। उपचार के आभाव में गरीब मर जा रहे हैं। वहीं मऊ में लाखों रुपये की सरकारी दवाएं कुएं में फेंक दी गई।
मऊ जिले में स्वास्थ्य विभाग का बड़ा कारनामा सामने आया है। सरकार से मरीजों के लिए भेजी गई लाखों की दवा कुएं में फेंक दी गई। ग्रामीणों की नजर दवा पर पड़ी तो हंगामा खड़ा हो गया। अब अधिकारी एक दूसरे की गर्दन बचाने में लगे हैं।
रतनपुर ब्लॉक के हरोली में मिली दवा
मऊ जिले के रतनपुरा ब्लॉक के हलौरी गांव के किसान शनिवार को खेत में काम कर रहे थे। उसी दौरान किसी ने कुंए में झांककर देखा तो दवा भारी मात्रा में दवा देख शोर मचाया। लोगों ने दवा निकालकर देखी तो सारी दवाएं सरकारी थी। इसके बाद हंगामा शुरू हो गया।
डिप्टी सीएमओ ने किया निरीक्षण
ग्रामीणों ने दवा मिलने की जानकारी डिप्टी सीएमओ को फोन पर दिया। डिप्टी सीएमओ मौके पर पहुंचे और दवाओं की जांच की। जांच में सारी दवाएं सरकारी पाई गई। इसके बाद उन्होंने उच्चधिकारियों को सूचित किया।
सीएमओ ने दिया जांच का आदेश
दवा मिलने की सूचना के बाद पहले तो अधिकारियों ने मामले को टालने की कोशिश की। यूं भी कह सकते हैं सारे अधिकारी अपनी गर्दन बचाने के चक्कर में पड़ गए। जब ग्रामीणों का विरोध बढ़ा तो सीएमओ डॉ. नरेश अग्रवाल ने मामले की जांच का आदेश दे दिया।
क्या कहते हैं ग्रामीण
रतनपुरा निवासी बाबू सिंह, उमेश, हलौरी निवासी राजेश, हरिराम आदि का कहना है कि अस्पताल में सारी दवा बाहर की लिखी जाती हैं। सरकारी दवा मरीजों को नहीं दी जाती। गरीब पैसे के आभाव में उपचार नहीं करा पाता और यहां दवा फेंकी जा रही है।
कुएं में फेंकी गई सारी दवा एक्सपायर्ड हो चुकी हैं। दवा से संबंधित अभिलेख भी कुएं से मिला है। अधिकारी अब शिकायत के खानापूर्ति में लगे हैं। कुएं के अंदर से दवाइयों को निकालने की प्रक्रिया अभी तक शुरू नहीं हुई है।