आजमगढ़

चाचा शिवपाल मुलायम के गढ़ में अखिलेश को देंगे बड़ा झटका, अभिषेक, मलिक सहित कई नेता होंगे मोर्चे में शामिल

लोकसभा चुनाव 2019 में आसान नहीं होगी सपा की राह, बाहुबलियों पर शिवपाल का खासा है प्रभावअपने परिवार में शिवपाल ही एक मर्द हैः मलिक मसूद

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Sep 04, 2018
चाचा शिवपाल मुलायम के गढ़ में अखिलेश को देंगे बड़ा झटका, अभिषेक, मलिक सहित कई नेता होंगे मोर्चे में शामिल

आजमगढ़. चाचा शिवपाल की बगावत और नए दल के गठन को हल्के में लेना पूर्व सीएम अखिलेश पर भारी पड़ सकता है। अभिषेक सिंह तो पूरी तरह शिवपाल के साथ है लेकिन पूर्व विधायक मलिक मसूद सहित कई और बड़े नेता शिवपाल के साथ जा सकते है। कई बड़े नेता मुलायम सिंह यादव के रूख का इंतजार कर रहे है। कुछ नेता बड़े बेबाक ढंग से कहते है कि नेताजी जिसके साथ जाएंगे वे उसी के साथ है। यानि की अगर मुलायम ने एक बार भी शिवपाल का समर्थन कर दिया तो अखिलेश को आजमगढ़ ही नहीं पूरे पूर्वांचल में बड़ा नुकसान उठाना पड़ेगा।


बता दें कि वर्ष 2016 में समाजवादी कुनबे में हुए विवाद के कारण वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा था। आजमगढ़ में अगर पार्टी नौ से पांच सीट पर आ गयी थी तो मऊ में वह खाता नहीं खोल पायी थी। बलिया में भी उसे करारी हार का सामना करना पड़ा था। अब लोकसभा चुनाव से पहले फिर सपा में विवाद हुआ और शिवपाल यादव ने अलग मोर्चे का गठन कर लिया है। शिवपाल यह भी साफ कर चुके हैं कि अखिलेश से समझौते की कोई गुंजाइस नहीं बची है। ऐसे में यह तय है कि शिवपाल यादव लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी उतारकर अखिलेश की परेशानी बढ़ाएंगे।
आजमगढ़ को सपा खासतौर पर मुलायम सिंह का गढ़ कहा जाता है। यहां हमेशा से पार्टी में गुटबाजी रही है। जिसका खामियाजा कई बार पार्टी भुगत चुकी है।

शिवपाल द्वारा मोर्चे के गठन के बाद ही लखनऊ विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष व युवजन सभा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक सिंह आंशू शिवपाल के साथ चले गए। माना जा रहा है कि मोर्चे में उन्हें बड़ा पद मिलना तय है। बसपा से सपा में आये पूर्व विधायक मलिक मसूद भी शिवपाल के साथ जा सकते है। जब उनसे इस संबंध में पूछा गया तो साफ कहा कि अपने परिवार में अगर कोई मर्द है तो शिवपाल हैं। वे जो कहते है उसे करने में विश्वास रखते हैं। उनसे मेरा अच्छा संबंध हैं। अगर वे मुझे बुलाते हैं तो मैं जरूर उनके साथ जाउंगा। इनके अलावा भी कई नेता है जो शिवपाल के साथ जाने के लिए तैयार है। यहीं नहीं सोशल साइट फेसबुक पर तमाम यादव नेता शिवपाल का समर्थन करते नजर आ रहे है।


वहीं पूर्व विधायक सहित कई बड़े नेता मुलायम सिंह यादव के रूख का इंतजार कर रहे हैं। इनका कहना है कि वे सिर्फ नेताजी मुलायम सिंह के साथ हैं। नेताजी जिसके साथ जाएंगे वे उसी के साथ रहेंगे। ऐसे में यह चर्चा शुरू हो गयी है कि मुलायम सिंह से मुलाकात के बाद ही शिवपाल ने मोर्चे का गठन किया था। अगर मुलायम सिंह थोड़ा भी शिवपाल के फैसले का समर्थन करते हैं तो पार्टी के कई नेता उनके साथ चले जाएगें। जो लोकसभा चुनाव में सपा पर भारी पड़ सकता है।

By- रणविजय सिंह

Published on:
04 Sept 2018 03:21 pm
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