एनआईसी कार्यालय में वीडिया क्रांफेसिंग में लोगों ने पीएम को सुना
आजमगढ़. कामन सर्विस सेंटर ई-गवर्नेन्स इंडिया लिमिटेड के तत्वावधान में भारत सरकार द्वारा चलाई जा रही महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान के प्रशिक्षित छात्र एवं छात्राओं के साथ कलेक्ट्रेट भवन के एनआईसी के कान्फ्रेंसिंग कक्ष में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सीधे संवाद किया। प्रधानमंत्री की कान्फ्रेंस प्रातः 9ः30 से 11 बजे तक चली।
इस दौरान प्रधानमंत्री ने डिजिटल इंडिया के अन्तर्गत चलायी जा रही योजनाओं व इन योजनाओं द्वारा समाज में आ रहे बदलाव का उल्लेख किया। जिला समन्वयक आशुतोष यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री की कान्फ्रेंस में जनपद के लगभग 10 सीएससी संचालक व इनके सेन्टर से प्रशिक्षित 40 छात्र-छात्राओं ने कार्यक्रम में भाग लिया। दौरान उन्होंने देश के कोने-कोने से जुड़े सीएससी के ग्राम स्तरीय उद्यमियों से संवाद किये, इस दौरान उनके अनुभवों से रूबरू हुए। कार्यक्रम के अंत में सीएससी के जिला प्रबंधक अजय सिंह ने सीएससी द्वारा चलाई जा रही एक महत्वाकांक्षी योजना वाई-फाई चौपाल और प्रधानमंत्री ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान के बारे में सीएससी संचालकों को अवगत कराया।
उन्होंने बताया कि कोई भी व्यक्ति किसी भी ग्राम पंचायत से सीएससी का रजिस्ट्रेशन कराकर सीएससी के सेवाओं का संचालन कर सकता है। कार्यक्रम के अंत में जिला सूचना विज्ञान अधिकारी विकास चन्द्र रामे एवं अपर जिला सूचना विज्ञान अधिकारी रजनीश चन्द्र श्रीवास्तव ने कार्यक्रम में आये हुए सभी सीएससी संचालकों व छात्र-छात्राओं को बधाई दिया। कार्यक्रम में एनआईसी से उमाशंकर गुप्ता, सीएससी संचालक रमेश कुशवाहा, मुरलीधर तिवारी, संतोष पाण्डेय, बलराम यादव, सुनील यादव, आलोक कुमार, हरिओम सिंह आदि लोग मौजूद रहे।
जेडी से मिले शिक्षक, बताया दर्द
उत्तर प्रदेश अवकाश प्राप्त माध्यमिक शिक्षक कल्याण एसोसिएशन का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को संयुक्त शिक्षा निदेशक से पेंशन पुनरीक्षण के गतिरोध के सम्बंध में मिला। इस दौरान प्रांतीय कोषाध्यक्ष रामजपित सिंह ने खेद जताते हुए कहाकि वर्तमान उप शिक्षा निदेशक आजमगढ़ परिक्षेत्र द्वारा घोर उदासीनता बरती जा रही है।इसकी शिकायत संयमथ्त शिक्षा निदेशक से करते हुए यह बताया गया है कि 11 व 19 अप्रैल 2018 के स्पष्ट आदेश के बाद भी पेंशन पुनरीक्षण का कार्य अबतक नही किया गया। इसकी शिकायत शिक्षा निदेशक माध्यमिक से किया गया।
मामले को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने 2 व 14 मई को आदेश जारी कर पेंशन पुनरीक्षण का कार्य शीर्घ्र करने का निर्देश दिया था। दोबारा आदेश होने के बाद भी मंडल स्तर पर पेंशन पुनरीक्षण का कार्य नही किया गया तो पुनः 11 जून को निर्देश जारी कर 30 जून तक सेवानिवृत शिक्षकों के पेंशन पुनरीक्षण की आख्या संयुक्त शिक्षा निदेशक ने मांगा है। श्री सिंह ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि पेंशन पुनरीक्षण का कार्य जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया गया है। प्रतिनिधिमंडल में नरेन्द्र नाथ सिंह, संपत कुमार उपाध्याय, परमहंस सिंह, रामकस गुप्ता, हंसराज सिंह मौजूद रहे।