पश्चिम बंगाल में चुनाव परिणाम आने के बाद हिंदू परिवारों व भाजपा कार्यकर्ताओं पर हुए हमले को विहिप ने मुख्यमंत्री की साजिश करार दिया है। कार्यकर्ताओं नेे राष्ट्रपति को ज्ञापन भेज आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने तथा कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए प्रभाव कदम उठाने की मांग की।
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
आजमगढ़. पश्चिम बंगाल में चुनाव परिणाम आने के बाद व्याप्त हिंसा से नाराज विश्व हिन्दू परिषद ने एसडीएम के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति से संविधान प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए बंगाल में कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए सख्त आदेश देने की मांग की। ताकि बंगाल का हिन्दू समाज शांतिपूर्वक जीवन यापन कर सकें और न्याय व्यवस्था स्थापित हो सकें। साथ ही अपराधी तत्वों के खिलाफ कठोर कार्यवाही किया जाय और पीड़ितों के साथ न्याय हो सकें।
जिला संयोजक वैभव चैरसिया ने कहा कि सत्तारूढ़ दल टीएमसी के समर्थकों व जेहादियों ने जिस प्रकार हिंसा व तांडव पश्चिम बंगाल किया है वह चिंताजनक है। पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान ही इस हिंसा की पठकथा लिखी जा चुकी थी जो भारतीय लोकतन्त्र के लिए काला पृष्ठ है। उन्होने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री द्वारा चुनाव प्रचार में दी गयी धमकी का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हीं के इशारे पर टीएमसी समर्थकों ने जेहादियों के साथ मिलकर निर्दोष लोगों की कु्ररतापूर्वक हत्या कर दी। घरों, दुकानों को लूटा व जलाया तथा मंदिरों पर हमले किये। इससे पूरा बंगाल भयाक्रांत है।
जिला सह संयोजक प्रशांत सिंह ने कहा कि इस पूरे कृत्यों पर पश्चिम बंगाल का प्रशासन मूकदर्शक बनकर हिंसक तत्वों की सहायता करता दिखाई दे रहा है जो दुर्भाग्यपूर्ण है। ममता बनर्जी के शासनकाल में वहां का हिन्दू समाज त्रस्त रहा है। अगर बंगाल के प्रशासन को नियन्त्रित नहीं किया गया तो आगामी पांच साल में बंगाल का हिन्दू समाज एक अभिशप्त जीवन जीने के लिए मजबूर हो जायेगा। उन्होने आशंका व्यक्त की के ऐसी स्थिति में कुछ स्थानों पर हिन्दू समाज आत्मरक्षा के लिए स्वयं कुछ उपाय करने को विवश हो जायेगा। प्रतिनिधिमंडल में जिलाध्यक्ष अनिल सोनी, जिलामंत्री वरूण पाठक, जिला सह मंत्री जगन्नाथ बर्नवाल आदि शामिल थे।
BY Ran vijay singh